चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और चौथी तिमाही में मजबूत गति को ध्यान में रखते हुए आईएमएफ ने देश की जीडीपी ग्रोथ में ये बदलाव किया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते वैश्विक मोर्चे पर जीडीपी वृद्धि दर, बेरोजगारी के दावों और पीएमआई आंकड़ों सहित अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े जोखिम की भावना और मुद्रा की चाल को प्रभावित करेंगे।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पीएम मोदी ने वाराणसी से सांसद बनने के बाद काशी के विकास की बात कही थी। उनके विजन के अनुरूप ही काशी में विकास कार्य किए जा रहे हैं और नई योजनाएं लाई जा रही हैं।
SBI ने कहा कि कर राजस्व अपेक्षित से कम रहने की संभावना है, लेकिन गैर-कर राजस्व अधिक रहने से कुल प्राप्तियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। आंकड़ों में 2022-23 के आधार संशोधन के बाद बदलाव हो सकते हैं।
सरकार का ये ताजा अनुमान, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत ज्यादा है।
वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 में चालू खाता घाटा (सीएडी) जीडीपी के करीब 1 प्रतिशत पर संतुलित बना रह सकता है। भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता भी ग्रोथ को अतिरिक्त गति दे सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है।
क्रिसिल के अनुसार वास्तविक जीडीपी की ऊंची वृद्धि की मुख्य वजह निजी खपत रही। आपूर्ति पक्ष से देखें तो विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की वृद्धि में उल्लेखनीय तेजी आई।
यह अनुमान पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान तिमाही (Q2) की 5.6% की वृद्धि दर की तुलना में काफी मजबूत सुधार दर्शाता है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए समय पर कदमों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को "आरामदायक स्थिति" में बनाए रखा है।
वित्त मंत्रालय को भरोसा है कि 'जीएसटी 2.0' सहित विभिन्न संरचनात्मक सुधार और सरकारी पहलें बाहरी चुनौतियों के नकारात्मक असर को कम करने में सहायक होंगी।
IMF ने भारत के GDP विकास अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने अमेरिकी टैरिफ का असर झेलते हुए मजबूत रफ्तार बनाए रखी है। विश्व बैंक ने भी भारत की वृद्धि दर को 6.3% से बढ़ाकर 6.5% किया है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि 2025-26 के दौरान अब तक मुद्रास्फीति की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, और वास्तविक परिणाम अनुमान से काफी कम रहे हैं।
नेपाल की अर्थव्यवस्था को लेकर आपके मन में कई सवाल हो सकते हैं। हाल के समय में, देश के विदेशी मुद्रा भंडार और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि के अनुमानों ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.3-6.8% की दर से बढ़ेगी। ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद घरेलू मांग, कृषि और सेवा क्षेत्रों की मजबूती से ग्रोथ पर असर सीमित रहेगा।
IMF ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों का असर अनुमान से कम रहने के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट कहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता धारणा में सुधार हुआ है। तिमाही आधार पर दोपहिया वाहनों की बिक्री में नौ प्रतिशत और ट्रैक्टर की बिक्री में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक समिति अगस्त में अपनी अगली द्विमासिक नीति की घोषणा करने वाली है।
एशियाई विकास बैंक ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है। एडीबी ने यह कमी अमेरिकी टैरिफ और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष विराम पर सहमत होने की घोषणा की है।
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