मेटल मार्केट में इस समय जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जहां चांदी ने पिछले तीन दिनों में मानो रॉकेट की तरह उछाल पकड़ ली है, वहीं सोने की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए यह स्थिति बेहद दिलचस्प हो गई है।
पिछला उच्च स्तर आज से पहले 13 नवंबर को 99.9% और 99.5% शुद्धता वाले सोने के दाम क्रमशः ₹1,30,900 और ₹1,30,300 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए थे।
सोना-चांदी के बाजार में आज फिर तेजी की चमक दिखी है। निवेशक और ज्वेलरी खरीददार दोनों के लिए आज के भाव चौंकाने वाले साबित हुए, क्योंकि चांदी एक ही दिन में पूरे 2000 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई। वहीं, सोने के दाम में भी जोरदार उछाल देखने को मिला।
लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने के दाम में उछाल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी सोने को मजबूती दी है।
ग्लोबल मार्केट में भी फेड की नरम नीति संकेतों के बीच सोने की कीमतें बढ़कर 4,140 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचीं। वर्तमान में बाजार दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की उम्मीद कर रहा है।
सोने की कीमतों पर सोमवार को रुपये की मजबूती और कमजोर वैश्विक रुझानों का असर देखने को मिला। अभी अल्पकालिक दबाव बना हुआ है, लेकिन केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और संभावित दर कटौती लंबे समय में सोने के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में सोमवार को सोने की कीमतें गिरकर लगभग 4,040 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं, जो शुक्रवार की गिरावट का ही विस्तार है। सोना अब भी वर्ष-दर-वर्ष लगभग 54% ऊपर है।
गोल्ड स्पॉट मूल्य वैश्विक स्तर पर 0.38% गिरकर USD 4,061.91 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। जानकार का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत Rs 1,20,000 – Rs 1,24,000 प्रति 10 ग्राम के रेंज में रहने की संभावना है।
सेबी ने इस महीने की शुरुआत में निवेशकों को डिजिटल और ई-गोल्ड उत्पादों में निवेश से सावधान रहने की सलाह दी थी। इसमें कहा था कि ये उत्पाद सेबी के नियामकीय ढांचे से बाहर हैं, और इनमें निवेश करने से काफी जोखिम बढ़ जाते हैं।
जानकारों का कहना है बहुमूल्य धातु की कीमत में गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती और यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की नई कोशिशों की रिपोर्ट के बाद सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर होने के चलते आई।
मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3900 रुपये टूटकर 1,25,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
अमेरिकी फेड की पिछली नीतिगत बैठक के विवरण जारी होने पर सबकी नज़र है। दरों में कटौती हुई तो इसका असर आने वाले दिनों में सोने पर भी देखने को मिल सकता है।
सोमवार को चांदी के दाम में 1000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 4200 रुपये की बड़ी गिरावट आई थी। बीते 3 सत्रों में चांदी की कीमतों में कुल 13,000 रुपये की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए आज का दिन किसी ‘गोल्डन ऑपर्च्युनिटी’ से कम नहीं है। कीमती धातुओं में अचानक आई बंपर गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है और ज्वेलरी शोरूम्स से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पर खरीदारों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है।
जहां एक तरह आज सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर आज चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
नवंबर में निर्यात में फिर से तेजी आने की उम्मीद है क्योंकि चीनी बाजार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं और अन्य प्रमुख बाजारों में क्रिसमस की मांग रहेगी।
जानकार का कहना है कि फेड के अधिकारियों के बयान और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने की कीमतों पर दबाव डाला।
कमजोर डॉलर, अमेरिकी शटडाउन के अंत और संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के चलते सोने और चांदी ने तेज़ी पकड़ी है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर फेडरल रिज़र्व और नरम रुख अपनाता है, तो आने वाले हफ्तों में बुलियन मार्केट में और तेजी देखने को मिल सकती है।
सोने और चांदी की चमक कम होने का नाम नहीं ले रही। 13 नवंबर, गुरुवार की सुबह कमोडिटी मार्केट खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जहां सोने के दाम में लगातार उछाल जारी है, वहीं चांदी ने तो रफ्तार पकड़ ली है और निवेशकों को चौकाने वाला रिटर्न दे रही है।
बुधवार को चांदी की कीमतों में भी ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिली। आज चांदी की कीमतें 5540 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 1,61,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर पहुंच गईं।
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