आम तौर पर जब दुनिया में युद्ध या बड़ा संकट होता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने और चांदी की ओर दौड़ते हैं। लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आई।
शख्स ने पिलानी स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा से 15 हजार रुपये का गोल्ड लोन लिया था। इसके बदले उसने अपनी पत्नी के करीब 3.5 ग्राम सोने के झुमके गिरवी रखे थे। लोन चुकाने के बाद झुमके लेकर वह घर पहुंचा लेकिन जांच की तो उसके होश उड़ गए।
सोने के दाम में शुक्रवार को थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मजबूत होने के असर से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। वहीं दूसरी कीमती धातु चांदी के भाव में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई है।
एक्सपर्ट्स ने बताया कि निवेशकों के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिका से वृहद आर्थिक संकेतों पर नजर रखने के बीच सोना और चांदी उल्टी दिशा में चले गए।
सोने और चांदी की कीमतों में आज सुबह अहम बदलाव देखने को मिला। सोने की मांग फिर से बढ़ गई, जिससे सोना महंगा हुआ, जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,63,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुँच गई, जबकि मुंबई में यह 1,63,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है।
सोने के वायदा भाव में लतातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को लेकर निवेशकों की भागीदारी को काफी प्रभावित कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में, आज हाजिर चांदी की कीमत में 1.38 डॉलर (1.6 प्रतिशत) की बढ़ोतरी दर्ज की गई और ये 88.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, सोना लगभग एक प्रतिशत की तेजी के साथ 5172.86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
सोने और चांदी की कीमतों में उथल-पुथल जारी है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में भारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर, आज हाजिर सोना 65.23 डॉलर या 1.26 प्रतिशत टूटकर 5105.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी भी 0.53 प्रतिशत के नुकसान के साथ 83.92 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध ने बाजार में भारी उथल-पुथल मचा रखा है, बावजूद सोना आज भी निवेशकों की पसंदीदा सुरक्षित संपत्ति बना हुआ है। आने वाले दिनों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन अब इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में सोना अपने ऑल-टाइम हाई से करीब ₹19,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। ऐसे में कई लोग सोच रहे हैं कि क्या यह गोल्ड ज्वैलरी खरीदने या निवेश करने का सही समय है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, नए सिरे से सुरक्षित-निवेश वाली परिसंपत्तियों की मांग के कारण सर्राफा की कीमतें ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही थीं।
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकेतकों के बीच सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आगे भी इसमें ऐसा ही रुख बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ते ही सोने की चमक और तेज हो जाती है। इस समय भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। फरवरी महीने में सोने की कीमत लगातार सातवें महीने बढ़ी है। इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब गोल्ड के दाम इतने लंबे समय तक लगातार चढ़ते रहे हैं।
सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के आधार पर समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा कीमत की जानकारी लेना जरूरी होता है।
भारत में गोल्ड लोन जरूरत के समय तुरंत नकदी उपलब्ध कराने का एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। कई प्रमुख बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर गोल्ड लोन प्रदान कर रही हैं।
होली पर जहां देशभर में रंग-गुलाल उड़ा, वहीं सर्राफा बाजार में भी सोना-चांदी ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव दिखाया। निवेशकों के लिए यह दिन काफी हलचल भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते बुधवार को दोनों कीमती धातुओं में जोरदार रिकवरी देखने को मिली।
सोमवार को राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, वहीं सोना 1.73 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब जा पहुंचा।
फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने लाभ दर्ज किया, जो 1973 के बाद से सबसे लंबी वृद्धि की सीरीज है। मौजूदा वैश्विक हालात में दोनों की कीमतों में तेजी का रुझान देखने को मिल सकता है।
भारत अपनी जरूरत के 90 प्रतिशत कच्चे तेल को दूसरे देशों से आयात करता है और इनमें से करीब आधा तेल खाड़ी देशों से ही आता है।
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