बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकेतकों के बीच सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आगे भी इसमें ऐसा ही रुख बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ते ही सोने की चमक और तेज हो जाती है। इस समय भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। फरवरी महीने में सोने की कीमत लगातार सातवें महीने बढ़ी है। इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब गोल्ड के दाम इतने लंबे समय तक लगातार चढ़ते रहे हैं।
होली पर जहां देशभर में रंग-गुलाल उड़ा, वहीं सर्राफा बाजार में भी सोना-चांदी ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव दिखाया। निवेशकों के लिए यह दिन काफी हलचल भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते बुधवार को दोनों कीमती धातुओं में जोरदार रिकवरी देखने को मिली।
सोमवार को राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, वहीं सोना 1.73 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब जा पहुंचा।
फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने लाभ दर्ज किया, जो 1973 के बाद से सबसे लंबी वृद्धि की सीरीज है। मौजूदा वैश्विक हालात में दोनों की कीमतों में तेजी का रुझान देखने को मिल सकता है।
भारी गिरावट के बाद सोने-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ नए स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने तो जोरदार उछाल दिखाकर बाजार का मूड ही बदल दिया।
26 फरवरी यानी गुरुवार को दिल्ली और मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे वैश्विक बाजार में स्थिर रुख और निवेशकों का सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख बदलना मुख्य कारण माना जा रहा है।
वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक घटनाओं ने सोने को सपोर्ट दिया, लेकिन फेड की नीति स्थिर रहने के संकेतों ने तेजी को सीमित रखा।
अजय केडिया के मुताबिक, चांदी की कीमतों में कई वजहों से जोरदार तेजी आ सकती है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्यूफैक्चरिंग में चांदी की जबरदस्त इंडस्ट्रियल डिमांड है।
सोमवार को MCX पर, 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी का भाव 15,931 रुपये की तेजी के साथ 2,68,875 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया था।
अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप का वैश्विक आयात शुल्क बढ़ाना और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश सोना और चांदी की ओर बढ़े हैं।
सोने और चांदी की कीमत में आने वाले दिनों में काफी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। चांदी ने तो इस साल नए रिकॉर्ड बनाने की झड़ी लगा दी है। कीमत 4 लाख रुपये के पार तक चली गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स दो दिनों में 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 1,55,761 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च 2026 सेटलमेंट वाली चांदी फ्यूचर्स में तो और भी तेज उछाल देखने को मिला।
जानकारों के मुताबिक निवेशकों ने निचले लेवल पर खरीदारी कर सौदेबाजी का फायदा उठाया। वैश्विक संकेत मिश्रित रहने के चलते आज सोना सीमित ट्रेडिंग रेंज में रहा।
पिछले सत्र में भारी गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 1,700 रुपये की तेजी के साथ 1,53,199 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी में तो और भी बड़ी छलांग दर्ज की गई।
मंगलवार को चांदी की कीमत 4685 रुपये की गिरावट के साथ 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जो इसके लाइफटाइम हाई से 1,80,157 रुपये कम है।
सप्ताह की शुरुआत में चांदी में कमजोरी देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों ने सप्ताहांत में हुई तेजी के बाद अपने मुनाफे को सुरक्षित कर लिया।
MCX पर सोमवार को सुबह 11.30 बजे तक के कारोबार में 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी की कीमतें 2,35,208 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,38,650 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि अब ग्राहकों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और उन्होंने कीमत गिरने पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय तुरंत खरीदारी करना शुरू कर दिया है।
MCX पर चांदी के वायदा भाव में पिछले हफ्ते 5532 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी, जबकि सोने की कीमतों में 444 रुपये यानी 0.3 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई थी।
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