आयकर विभाग की तरफ से जारी किए जाने वाले पैन कार्ड के लिए व्यक्ति, नाबालिग, छात्र और अनिवासी भारतीय भी ऑनलाइन पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अप्लाई करने के 15 कार्यदिवस के भीतर यह बनकर आपके पते पर आ जाता है।
टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे लाखों करदाताओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आयकर विभाग की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि एक लाख से ज्यादा लोगों ने टैक्स बचाने और बड़ा रिफंड पाने के लिए फर्जी दावे किए, जिसके चलते एक लाख रुपये से ज्यादा के रिफंड फिलहाल रोक दिए गए हैं।
सरकार की यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें PAN कार्ड की तुरंत जरूरत होती है। जिस व्यक्ति के पास वैलिड आधार नंबर है और उसका मोबाइल नंबर उसमें रजिस्टर्ड है, वह महज चंद मिनट में इंस्टैंट e-PAN Card हासिल कर सकता है।
अगर PAN लिंक नहीं किया जाता है तो वह इनएक्टिव हो जाता है। हालांकि 1,000 रुपये पेनल्टी देकर और लिंकिंग प्रोसेस पूरा करके PAN को फिर से एक्टिव किया जा सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस अवधि में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से कलेक्शन साल भर पहले की समान अवधि के मुकाबले 44,867 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
नया कानून असेसमेंट ईयर और पिछले साल के बीच के अंतर को खत्म करके टैक्स टाइमलाइन को आसान बनाता है, इसे एक सिंगल 'टैक्स ईयर' फ्रेमवर्क से बदल दिया गया है।
इनकम टैक्स के सेक्शन 54F व्यक्तियों को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में फिर से इन्वेस्ट करके लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट क्लेम करने की अनुमति देता है। अगर आप पात्रता पूरी करते हैं तो आप टैक्स छूट का लाभ पा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, ''मैं कई लोगों से कहता रहा हूं कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार हो गया है। इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत की डेमोग्राफी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है। ''
लखनऊ के लुलु मॉल पर 27 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे समय पर नहीं चुकाया गया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों टैक्सपेयर्स की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लोगों के ईमेल, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच का अधिकार मिल जाएगा। इन दावे की क्या है सच्चाई?
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
यह रेड इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा मशहूर बॉलीवुड कपल शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद हुई। इसी मामले में मुंबई के अलावा बेंगलुरु में भी रेड की गई है। अब एक्ट्रेस के वकिल ने इन खबरों को खारिज कर दिया है।
आंकड़ों के विश्लेषण से मालूम चला कि कई टैक्सपेयर्स ने या तो संदिग्ध संस्थाओं को दान दिया था या प्राप्तकर्ता संगठनों की असलियत साबित करने के लिए जरूरी जानकारी नहीं दी थी।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
इनकम टैक्स के तहत कुछ खास निवेश विकल्प हैं जिन्हें आपको दिसंबर खत्म होने से पहले ही अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेना चाहिए। इससे आपके टैक्स बचत हो सकेगी।
भारत में शादी का सीजन पूरे शबाब पर है। शादी के दौरान रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने वाले गिफ्ट्स अक्सर दूल्हा-दुल्हन के लिए खुशी का बड़ा कारण होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन गिफ्ट्स में मिलने वाला कैश अगर इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक न लिया जाए, तो कितनी पेनाल्टी लगेगी?
बुधवार को बीएसई पर वारी एनर्जी के शेयर 108.05 रुपये (3.29%) की गिरावट के साथ 3175.10 रुपये के भाव पर बंद हुए।
इमकम टैक्स एक्ट, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू सभी फॉर्म जैसे- टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म और आईटीआर फॉर्म पर दोबारा काम किया जा रहा है।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
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