अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट के निवेश वाली फिनटेक कंपनी फोनपे का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस पर आधारित होगा, इसमें फ्रेश शेयर नहीं होंगे।
पीएसयू सेगमेंट की कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के आईपीओ को निवेशकों का शानदार सपोर्ट मिला था। आखिरी दिन आईपीओ को 147 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
अमागी मीडिया लैब्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 343 रुपये से 361 रुपये प्रति शेयर है। इस IPO का कुल आकार 1,788.6 करोड़ रुपये का है। कंपनी जुटाई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों सहित अन्य कामों के लिए करेगी।
भारत कोकिंग कोल का यह आईपीओ ₹1,071.11 करोड़ का बुक-बिल्ट इश्यू है। यह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 46.57 करोड़ शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹23 प्रति शेयर तय किया गया था।
सरकारी कंपनी के आईपीओ को पहले दिन 8.08 गुना, दूसरे दिन 33.60 गुना सब्सिक्रिप्शन मिला था।
1,071.11 करोड़ रुपये का IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल है, जिसमें 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल हैं। बीसीसीएल का आईपीओ ग्रे मार्केट में भी अच्छा संकेत दे रहा है।
बीसीसीएल आईपीओ को नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी एनआईआई कैटेगरी में 78.29 गुना और खुदरा निवेशक की कैटेगरी में 23.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कोल इंडिया के इस ऑफर फॉर सेल से ₹1,071 करोड़ मिलने की उम्मीद है।
सचिन को अपना ब्रैंड एंबेसडर बनाने से कंपनी को पूरे देश में अपना बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडरी कंपनी बीसीसीएल ने अपने आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 21-23 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया है।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसके तहत कोल इंडिया अपनी 100% हिस्सेदारी में से हिस्सा बेच रही है। वित्त वर्ष 2025 में BCCL भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी रही।
कंपनी द्वारा 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों का बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) किया जा रहा है, जिसकी कुल राशि 1,071.11 करोड़ रुपये होगी। यह आईपीओ 2026 का पहला सार्वजनिक इश्यू होगा।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, ये आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (OFS) पर आधारित होगा, जिसमें बीसीसीएल की मूल कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगी।
भारतीय शेयर बाजार में नए साल की शुरुआत से पहले ही IPO की रौनक तेज हो गई है। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक साथ आठ कंपनियों के IPO को मंजूरी देकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। इंदिरा IVF, रेज ऑफ बिलीफ, टेम्पेन्स इंस्ट्रूमेंट्स समेत आठ कंपनियों को SEBI से ऑब्जर्वेशन मिल गए हैं।
भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी और कंपनियों के बढ़ते भरोसे के बीच देश के प्राइमरी मार्केट में ऐसा उछाल देखने को मिला, जो पहले कभी नहीं देखा गया था।
ज़ेप्टो का आईपीओ सफल होता है, तो यह ज़ोमाटो और स्विग्गी जैसे अपने कॉम्पिटीटर के साथ जुड़ जाएगा, जो पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट हो चुके हैं। ज़ेप्टो की स्थापना स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ड्रॉपआउट्स आदित्य पालिचा और काईवल्य वोहरा ने की थी।
कंपनी के शेयरहोल्डरों ने प्रत्येक 19 मौजूदा इक्विटी शेयरों के लिए 1 पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर के रेश्यो में इक्विटी शेयरों के बोनस इश्यू को भी मंजूरी दी।
इस साल आए टॉप 10 मेनबोर्ड आईपीओ ने लिस्टिंग पर अपने निवेशकों को 35.44 प्रतिशत से लेकर 72.50 प्रतिशत तक का बंपर रिटर्न दिया।
सेबी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इन सातों कंपनियों ने अपने आईपीओ लाने के लिए मई से लेकर सितंबर के बीच सेबी के पास दस्तावेज जमा किए थे।
कारोबार के पहले 30 मिनट के भीतर ही 5 करोड़ से अधिक शेयरों का लेन-देन हुआ। इस दौरान ट्रेडिंग वैल्यू लगभग ₹950 करोड़ रही। कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर ₹86,000 करोड़ से अधिक हो गया है।
वेकफिट इनोवेशंस आईपीओ को खुदरा निवेशकों से सबसे अधिक बोली मिली है। कंपनी इस आईपीओ के तहत ₹377.18 करोड़ का ताजा इश्यू और 4,67,54,405 इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) हिस्सा पेश कर रही है, जो ₹912 करोड़ मूल्य का है।
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