ईरान ने इजरायल और अमेरिका को बड़ी धमकी दी है। ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के किसी द्वीप पर हमला हुआ तो पूरे फारस की खाड़ी में खून की नदियां बहा दी जाएंगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन सभी भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है, जो जमीनी बॉर्डर के रास्ते ईरान छोड़ना चाहते हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग भयावह होती जा रही है। दोनों ही ओर से लगातार घातक हमले किए जा रहे हैं। ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सऊदी के तेल को लेकर एक टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार कर के मुंबई पहुंच गया है। ये कामयाबी कैप्टन की सूझबूझ से मिली है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मिडिल-ईस्ट की जंग में जहां, दुनिया भर के जहाजों पर ईरान मिसाइल हमले कर रहा है तो वहीं भारत का जहाज स्टेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल आया है। इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर की ईरान के अपने समकक्ष अब्बास अराघची से 3 बार फोन कॉल पर बातचीत हुई है।
ईरान ने इराक के पास अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर के ऊपर आत्मघाती नाव से हमला किया है। जानकारी के मुताबिक, इस हमले में कथित तौर पर एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते 13 दिनों से भीषण जंग जारी है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दुनिया के सामने इस जंग को खत्म करने के लिए 3 शर्तें रख दी हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
अमेरिका की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें ईरान के विमानों को निशाना बनाया गया है। हमले के बाद ईरानी विमान आग के गोले में तब्दील होते हुए नजर आ रहे हैं।
हाल ही में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों ने पूरी दुनिया में तेल, गैस और एलएनजी जैसी ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित किया है। लेकिन विशेषज्ञों की चेतावनी के मुताबिक, इसका असर अब सिर्फ ऊर्जा पर नहीं, बल्कि डेयरी उद्योग तक भी पहुंच गया है।
ईरान ने ओमान पर जोरदार हमला किया है। ईरान ने अपने घातक ड्रोन्स से ओमान के सलालाह पोर्ट पर तेल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाया है। इस हमले का वीडियो भी सामने आया है।
अमेरिका पाकिस्तान को लेकर बड़ा कदम उठा रहा है। अमेरिका पेशावर में अपना दूतावास बंद करने जा रहा है। कहा जा रहा है कि अमेरिका के इस फैसले का ईरान के साथ जारी जंग से कोई संबंध नहीं है।
व्हाइट हाउस में बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर अमेरिका चाहे तो ईरान को एक घंटे के भीतर खत्म कर सकता है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि ईरान की नौसेना लगभग पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि ईरान और अमेरिका की जंग के कारण जो भारतीय नागरिक गल्फ कन्ट्रीज में फंसे हैं. भारत सरकार उनकी पूरी चिंता कर रही है. हर भारतीय की सुरक्षित वापसी की कोशिश की जा रही है. इसलिए उनके परिवार वालों को फिक्र करने की जरूरत नहीं हैं.
ईरान फुटबॉल टीम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है।
ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा के लिए एक खास सुरक्षा कवच तैनात किया है। यह तैनाती अमेरिका-इजरायल के हमले में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद की गई है। जानें क्या है ये खास सुरक्षा कवच, कैसे करता है काम?
कांग्रेस को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं पर भारत में दाम नहीं बढ़ाए गए। अखिलेश यादव को इस बात से भी कोई मतलब नहीं कि भारत सरकार ने दूरदर्शिता से काम लिया और हमारे पास आठ हफ्ते का स्टॉक है। कांग्रेस को तो बस इस बात का रंज़ है कि मोदी इज़राइल क्यों गए।
वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर लोगों के मन में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है। हालांकि सरकार और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि भारत में कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने देश में LPG की भारी कमी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के कारण गैस सप्लाई घट गई है, जिससे होटल-रेस्तरां बंद हो रहे हैं, उद्योग प्रभावित हैं और करीब 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो गया है।
ईरान ने इजरायल पर जवाबी मिसाइल हमले का वीडियो जारी किया है, जिसमें एक के बाद एक कई मिसाइलें लॉन्च होती दिख रही हैं। ईरान ने दावा किया कि उसने तेल अवीव के पास खुफिया और संचार केंद्र को भी निशाना बनाया है। वहीं इजरायल और अमेरिका ईरान के ठिकानों, तेल डिपो और सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार चीन होर्मुज में संभावित संकट के बावजूद कई अन्य देशों की तुलना में तेल आपूर्ति झटकों का बेहतर सामना कर सकता है। आज की तारीख में भी वहां कोई तेल संकट नहीं है। चीन ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सिर्फ मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं रहने दिया।
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