ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका से चल रही परमाणु वार्ता के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान का असली परमाणु बम महाशक्तियों से न कहने की ताकत है।
दुनिया के सामने जो सबसे बड़ा सवाल था उसका जवाब मिल गया है ...सवाल था कि डॉनल्ड ट्रंप को कैसे डील किया जाए...और जवाब है जैसे नरेंद्र मोदी ने किया वैसे किया जाए.ईरान और ट्रंप के रिश्तों की टाइमलाइन देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि ट्रंप चीज क्या हैं ....एक तरफ ईरान से बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ गाइडलाइन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन में रूस के युद्ध को लेकर बहुत अच्छी बातचीत चल रही है और उन्होंने बिना ज़्यादा कुछ बताए कहा कि बातचीत के नतीजे के तौर पर कुछ हो सकता है।
ओमान में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के तेल क्षेत्र पर नए सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन प्रतिबंधों में 14 जहाजों, 15 कंपनियों और 2 व्यक्तियों को निशाना बनाया गया, जिससे ईरान हैरान रह गया है।
अमेरिका ने ईरान में अपने नागरिकों को लेकर चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने कहा है कि अमेरिकी तुरंत इस पश्चिम एशियाई देश को छोड़ दें। एडवाइजरी में लोगों से सतर्क रहने, परिवार और दोस्तों से संपर्क बनाए रखने की बात कही गई है।
ईरान द्वारा जब्त किए गए दोनों टैंकर किस देश के हैं, ये अभी बताया नहीं गया है। टैंकर में 6,300 बैरल डीजल भरा हुआ है। जब्त करने के बाद इसे बुशहर ले जाया गया है।
ईरान और अमेरिका की तनातनी के बीच आज दोनों देशों में न्यूक्लियर डील को लेकर बैठक होने वाली है। इससे पहले अमेरिका ने अरब सागर में सेना तैनात कर दी है। अगर डील फेल हो गई तो क्या होगा? इसपर सबकी नजरें टिकी हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित परमाणु वार्ता निर्धारित कर दी गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्वीट कर बताया कि मस्कट में शुक्रवार को सुबह 10 बजे ये वार्ता होगी।
ईरान की मीडिया में कहा जा रहा है अमेरिका के साथ वार्ता शुक्रवार को ओमान में होगी। हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बातचीत को लेकर अपने देश का रुख सामने रखा था।
अमेरिका की नौसेना ने बीच समंदर ईरान के एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। यूएस नेवी का कहना है कि ईरान का ड्रोन आक्रामक तरीके से उसके युद्धपोत की ओर बढ़ रहा था।
अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका ने ईरान को डील करने या फिर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। अब ऐसे में सवाल यह है अमेरिका और ईरान की सेना में कौन ज्यादा ताकतवर है। चलिए इसी सवाल का जवाब जानते हैं।
ईरान ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका के साथ उसकी वार्ता हो सकती है। वार्ता से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने देश का रुख साफ कर दिया है।
अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच हालात पल-पल बदल रहे हैं। तुर्की भी इस तनाव को कम करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। तुर्की के अधिकारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को लेकर बड़ी बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की धमकियों को जवाब दिया है। ट्रंप ने कहा कि उम्मीद है कि ईरान डील करेगा। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पता चलेगा कि क्या होगा।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी दी है। खामेनेई ने कहा कि अगर इस बार अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो क्षेत्रीय युद्ध छिड़ेगा।
ईरान की ओर से यूरोपीय संघ के सभी देशों की सेनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया गया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने कहा है कि उनका देश इन सेनाओं को आतंकवादी समूह मानता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर अब नरम नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने इससे पहले ईरान को बार-बार सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी।
अमेरिका से जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी बंदरगाह बंदर अब्बास पर बड़ा धमाका हुआ है। इस धमाके में 2 मंजिला इमारत भी ढह गई है।
अमेरिका ने ईरान पर न्यूक्लियर मामले पर बातचीत के लिए प्रेशर को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। ट्रंप ने ईरान के करीब व्यापक सैन्य तैनाती के बाद अब ईरान को आखिरी डेडलाइन दी है।
ईरान में जारी तनाव के बीच दो परमाणु ठिकानों पर हलचल देखने को मिली है। दोनों परमाणु ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं।
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