अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि नक्सलवाद किसी एक राज्य की समस्या नहीं थी। छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा देखा जाए तो शुरुआत में कांग्रेस की सरकार रही, जिसमें अत्याचार, दंगे और ढेर सारे आंदोलन होते रहे।
छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन में 1.61 करोड़ रुपये के इनाम वाले 51 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी है।
मारे गए नक्सलियों के शव आज बरामद किए गए हैं। इनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। मारे गए नक्सलियों के पास से एके-47 और एसएलआर जैसे खतरनाक हथियार बरामद किए गए हैं।
गुरुवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है, जिसमें अब तक एक शव बरामद किया गया है। शव के साथ एके-47 राइफल भी मिली है।
बीजापुर के कवरगुट्टा गांव के पास जंगल में सुबह 7 बजे गोलीबारी शुरू हुई। गोलीबारी बंद होने के बाद, प्रदीप उर्फ जोगा और भीमा वेको के शव बरामद किए गए, जिन पर 5 लाख रुपये और 2 लाख रुपये का इनाम था।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में 6 नक्सलियों के शव मिले हैं। इसके साथ ही दो एके-47 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार मिले हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का वादा किया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा छत्तीसगढ़ के लोगों को मिल रहा है। सुकमा में नक्सलवाद खत्म होने के बाद बच्चों ने पढ़ाई भी शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बृहस्पतिवार को 52 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से 49 नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम था।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। अब राज्य के सुकमा जिले में बुधवार को एक इनामी समेत 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सभी सरेंडर किए गए नक्सली राज्य सरकार की एक खास योजना से प्रभावित दिखे। इसके इन्होंने चलते केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सामने सरेंडर किया है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 26 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 13 पर कुल 65 लाख रूपए का इनाम है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में रेडियो नक्सलवाद के खिलाफ एक प्रभावी हथियार बनकर उभरा है। स्थानीय भाषाओं में प्रसारण से सरकारी योजनाओं की जानकारी फैल रही है, जिससे नक्सली प्रोपेगैंडा कमजोर पड़ा है और लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों एवं उपमुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सुकमा के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
बीजापुर में मंगलवार को 34 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया है। इनमें शामिल 26 नक्सलियों पर 84 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक की है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। राज्य में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को राहत भी मिलने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में 2.95 करोड़ रुपये के इनामी 12 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इनमें केंद्रीय समिति का सदस्य रामधेर भी शामिल है। ये सभी माओवादी MMC (मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन में सक्रिय थे।
सेंट्रल कमेटी मेम्बर ( CCM ) रामधेर मज्जी पर एक करोड़ का इनाम घोषित था। उसके साथ 11 अन्य खूंखार नक्सलियों ने भी सरेंडर कर दिया है। इन नक्सलियों के सरेंडर के साथ ही महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जोन नक्सल मुक्त हो गया है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के एक समूह के आतंक को लेकर लोगों में भय का माहौल है। नक्सलियों ने जिस तरह से सड़क निर्माण का काम कर रहे ठेकेदार की हत्या की है। पुलिस और जांच की टीम ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
एमपी के बालाघाट में 10 इनामी नक्सलियों ने सीएम मोहन यादव के सामने सरेंडर किया। इस दौरान नक्सलियों ने अपने हथियार भी सरेंडर कर दिए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार मध्य प्रदेश को नक्सल मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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