SEBI एक ऐसा बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे डीमैट अकाउंट में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वालों की परेशानी खत्म हो सकती है। अब तक हर बार पैसा निकालने या फंड ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग निर्देश देना पड़ता था, लेकिन नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगी।
एक बयान के मुताबिक, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में आईपीओ प्रक्रिया को पूरा करने के लिए गठित समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता गैर-स्वतंत्र निदेशक तबलेश पांडेय करेंगे।
SEBI के नियमों के अनुसार, सरकार को मई, 2027 तक इस सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी में 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी और बेचनी होगी।
सेबी ने कहा कि इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 150 दिन लगते हैं। ऐसे में निवेशकों की सुविधा बढ़ाने और समय तथा जोखिम को कम करने के लिए एलओसी जारी करने की जरूरत को खत्म करने का फैसला लिया गया है।
NSE की लिस्टिंग योजना की समीक्षा के लिए मार्च 2025 में सेबी ने एक आंतरिक समिति का गठन भी किया था। अब NOC जारी होने के साथ ही NSE के IPO का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है।
अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट के निवेश वाली फिनटेक कंपनी फोनपे का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस पर आधारित होगा, इसमें फ्रेश शेयर नहीं होंगे।
SEBI ग्रेड A भर्ती फेज I परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। परीक्षा 10 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।
नए नियमों के तहत शेयर ब्रोकर से जुड़े सभी प्रमुख पहलुओं को शामिल करते हुए नियमों को 11 अध्यायों में बांटा गया है।
सेबी की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि लिस्टिंग के बाद कंपनी और उसके प्रमोटर्स ने निवेशकों को आकर्षित करने और शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बनाए रखने के लिए भ्रामक और झूठी कॉरपोरेट घोषणाएं कीं।
सेबी ने इस महीने की शुरुआत में निवेशकों को डिजिटल और ई-गोल्ड उत्पादों में निवेश से सावधान रहने की सलाह दी थी। इसमें कहा था कि ये उत्पाद सेबी के नियामकीय ढांचे से बाहर हैं, और इनमें निवेश करने से काफी जोखिम बढ़ जाते हैं।
सेबी ने कहा कि ऐसे डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट सेबी-रेगुलेटेड गोल्ड प्रोडक्ट्स से अलग हैं, क्योंकि इन्हें न तो सिक्यॉरिटी के रूप में नोटिफाई किया गया है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव के रूप में रेगुलेट किया गया है।
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंज एनएसई के आईपीओ का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। NSE सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार एक्सचेंजों में से एक है।
SEBI में ग्रेड ए ऑफिसर पदों पर भर्ती निकली है। कब शुरू होंगे आवेदन, क्या है सेलेक्शन प्रोसेस? आइए इस खबर के जरिए इन सवालों के जवाब को जानते हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। SEBI ने म्यूचुअल फंड्स के टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) यानी कुल खर्च अनुपात से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। SEBI ने आदेश दिया है कि अब कोई म्यूचुअल फंड हाउस प्री-IPO शेयर प्लेसमेंट में निवेश नहीं कर सकेगा। यह कदम रिटेल निवेशकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब नए फोलियो खोलते समय और पहली निवेश राशि डालने से पहले पूरी KYC प्रक्रिया करना अनिवार्य होगा।
शेयर बाजार कारोबार से हटने के संबंध में 25 अप्रैल, 2025 की असाधारण आमसभा के माध्यम से शेयरधारकों से भी अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है।
SEBI में ग्रेड ए पदों पर भर्ती निकली है। आइए इस खबर के जरिए वैकेंसी समेत जरूरी डिटेल्स को जानते हैं।
यह पूरी पेशकश ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) के रूप में होगी। अब सबकी निगाहें SEBI की मंजूरी और इस बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग की तारीख पर टिकी हैं।
अमेरिकी निवेश फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी, 2023 में अडाणी ग्रुप पर खातों में गड़बड़ी, शेयर की कीमतों में हेराफेरी और गैर-पारदर्शी विदेशी संस्थाओं के इस्तेमाल का आरोप लगा था।
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