बजट 2026 के दिन जहां घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, वहीं टाटा ग्रुप की एक दिग्गज कंपनी ने निवेशकों को राहत की सांस दी। बजट से निराश बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी भारी दबाव में रहे, लेकिन इस गिरावट भरे माहौल में भी टाटा ग्रुप की एक कंपनी ने दमदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींच लिया।
रविवार को बीएसई सेंसेक्स 1546.84 अंकों (1.88 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 80,722.94 अंकों पर बंद हुआ।
बजट 2026 के जिस दिन का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था, वही दिन दलाल स्ट्रीट के लिए किसी 'ब्लैक संडे' में तब्दील हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने के ऐलान ने बाजार की कमर तोड़ दी है। देखते ही देखते सेंसेक्स 2300 अंक तक नीचे गिर गया।
यूनियन बजट का दिन शेयर बाजार के लिए किसी फाइनल मैच से कम नहीं होता। सुबह से ही दलाल स्ट्रीट पर हलचल तेज रहती है, निवेशक हर शब्द पर नजर गड़ाए रहते हैं और बजट खत्म होते ही सेंसेक्स-निफ्टी झूले की तरह ऊपर-नीचे होने लगते हैं। लेकिन सवाल ये है कि आखिर बजट के दिन बाजार सच में कितना बदलता है?
बजट 2026 की घड़ी नजदीक आ गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में देश का आर्थिक लेखा-जोखा पेश करेंगी। शेयर बाजार से लेकर आम मध्यम वर्ग तक, हर किसी की नजरें इस पर टिकी हैं। विशेष रूप से खुदरा निवेशकों के लिए यह बजट काफी महत्वपूर्ण है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में बजट पेश करेंगी और इसी के साथ बाजार की दिशा भी काफी हद तक तय हो सकती है। वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दबाव के बीच निवेशकों की उम्मीदें इस बार सीमित नजर आ रही हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया। हालांकि, शेयर बाजार को ये बजट बिल्कुल भी पसंद नहीं आया और मार्केट में हाहाकार मच गया।
आज के कारोबार में मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा 5% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी 0.3% लुढ़क गया। बजट से पहले निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया।
यूनियन बजट से पहले निवेशकों में बेचैनी दिखी और शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई। 30 जनवरी को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय सूचकांक गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 489.29 अंक गिरकर 82,077.08 पर और निफ्टी 170.25 अंक फिसलकर 25,248.65 पर खुला।
भारतीय शेयर बाजार 29 जनवरी को शुरुआती कारोबार में मंदी के मूड में दिखा। ग्लोबल संकेतों में मिले-जुले रुख के बावजूद, सेंसेक्स 250.45 अंक गिरकर 82,094.23 पर आ गया, जबकि निफ्टी 60.80 अंक टूटकर 25,281.95 पर खुला।
शेयर बाजार में आज तेजी का माहौल रहा। 28 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत रही और निफ्टी 25,250 के ऊपर खुला। सेंसेक्स 503.32 अंक की तेजी के साथ 82,360.80 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 147.45 अंक की बढ़त के साथ 25,322.85 के लेवल पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। आंकड़े बता रहे हैं कि जनवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से जमकर पैसा निकाला, जिससे इक्विटी बाजार पर साफ दबाव बना और निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर पड़ा। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स की टॉप-10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹2.51 लाख करोड़ से ज्यादा घट गया।
शेयर बाजार में जब हर तरफ उतार-चढ़ाव और गिरावट का माहौल हो, तब कुछ चुनिंदा स्टॉक्स ऐसे भी होते हैं जो निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। बीते शुक्रवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला स्मॉल-कैप EV कंपनी के शेयर में, जिसने कमजोर बाजार के बावजूद दमदार तेजी दिखाकर निवेशकों को चौंका दिया।
विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है। आज भारतीय रुपया नया ऑल-टाइम लो छूने से निवेशकों की चिंता और बढ़ गई, जिसका असर शेयर बाजार पर साफ़ तौर पर देखने को मिला।
शेयर बाजार में जब कोई स्मॉल-कैप स्टॉक अचानक अपर सर्किट छू ले, तो निवेशकों की नजरें खुद-ब-खुद उसी पर टिक जाती हैं। शुक्रवार को ऐसा ही नजारा डिफेंस सेक्टर की कंपनी Axiscades Technologies के शेयर में देखने को मिला। विदेशी ऑर्डर की एक खबर ने इस मल्टीबैगर स्टॉक को रॉकेट की रफ्तार दे दी।
शेयर बाजार के लिए हफ्ते का आखिरी दिन थोड़ा सुस्त रहा। सेंसेक्स आज 16.07 अंकों की गिरावट के साथ 82,291.30 पर खुला, वहीं निफ्टी 17.95 अंकों की कमजोरी के साथ 25,271.95 पर ट्रेड कर रहा था। कुल मिलाकर 1,230 शेयर बढ़त में रहे, 901 शेयर घटे और 172 शेयर स्थिर रहे।
शुक्रवार को बाजार सावधानी के साथ बढ़त की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। हालांकि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है, लेकिन घरेलू खरीदारी इंडेक्स को मजबूती प्रदान करेगी।
घरेलू शेयर मार्केट पर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों का असर दिखा। सेक्टर के लिहाज से देखें तो रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
गुरुवार को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाते हुए 631.39 अंक की मजबूती के साथ 82,541.02 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 157.20 अंक की बढ़त के साथ 25,314.70 के ऊपर कारोबार करता नजर आया।
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