घरेल शेयर बाजार में लिस्टेड टॉप-5 आईटी कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप में इंट्राडे लो के आधार पर इस हफ्ते तेज गिरावट दर्ज की गई है।
13 फरवरी को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क तेजी से नीचे बंद हुए, और बड़े पैमाने पर बिकवाली के दबाव के बीच निफ्टी 50 25,500 के निशान से नीचे बंद हुआ। लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
शुक्रवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, दलाल स्ट्रीट पर घबराहट का माहौल बन गया। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। सेंसेक्स 755 अंकों से ज्यादा टूटकर 82,919 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 25,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
आज के कारोबार के आखिर में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹475 लाख करोड़ से घटकर ₹472 लाख करोड़ हो गया, जिससे इन्वेस्टर्स एक ही सेशन में लगभग ₹3 लाख करोड़ कम हो गए।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को टेक्नोलॉजी सेक्टर में ऐसी सुनामी आई, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4% से ज्यादा टूटकर चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया और महज एक दिन में आईटी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू से करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। गुरुवार, 12 फरवरी को दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में फिसल गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
शेयर बाजार में आज कुल मिलाकर सेक्टर-विशेष गतिविधि देखने को मिली, जहां ऑटो और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि आईटी शेयरों में कमजोरी बनी रही।
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को हुए कारोबार में फार्मा और PSU बैंक को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। बाजार आज लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ है।
घरेलू शेयर बाजार ने 9 फरवरी को दमदार शुरुआत करते हुए निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर भारतीय सूचकांक हरे निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में ही मजबूत बढ़त दर्ज की।
दलाल स्ट्रीट पर आज निवेशकों के लिए दिन भारी रहा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में सेंसेक्स एक्सपायरी के दबाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार फिसल गया। सेंसेक्स 503.76 अंक टूटकर 83,313.93 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 133.20 अंक गिरकर 25,642.80 के स्तर पर आ गया।
शुरुआती कारोबार में आज इंडेक्स नीचे ट्रेड कर रहे हैं, क्योंकि मेटल शेयरों में कमजोरी के कारण FMCG और एनर्जी शेयरों से मिल रहे सपोर्ट का असर खत्म हो गया।
दुनियाभर के शेयर बाजारों और आईटी सेक्टर के लिए आज का दिन किसी 'ब्लैक डे' से कम नहीं रहा। कल तक जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल इंसानों की मदद करने वाला एक स्मार्ट साधन लग रहा था, आज वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल भर साबित होता दिख रहा है।
एआई को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं की आहट ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार करने के बाद आखिरकार दलाल स्ट्रीट लगभग सपाट बंद हुआ।
Stock Market Highlights: बाजार में इस तेज रैली ने निफ्टी को लगभग पांच साल में अपने सबसे अच्छे एक दिन के फायदे की राह पर ला दिया। घरेलू करेंसी भी मजबूत हुई, और रुपया नवंबर 2022 के बाद अपने सबसे अच्छे सेशन की ओर बढ़ा।
मंगलवार को सुबह 11.25 बजे तक बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल अडाणी एंटरप्राइज़ेस के शेयर सबसे ज्यादा 10.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
1 फरवरी को शेयर बाजार बजट से नाराज दिखा था और यह भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था। लेकिन 2 फरवरी को बाजार ने काफी अच्छी रिकवरी कर ली है। बजट के अगले दिन रुपया भी मजबूत हुआ है।
बजट 2026 के दिन जहां घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, वहीं टाटा ग्रुप की एक दिग्गज कंपनी ने निवेशकों को राहत की सांस दी। बजट से निराश बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी भारी दबाव में रहे, लेकिन इस गिरावट भरे माहौल में भी टाटा ग्रुप की एक कंपनी ने दमदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींच लिया।
रविवार को बीएसई सेंसेक्स 1546.84 अंकों (1.88 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 80,722.94 अंकों पर बंद हुआ।
बजट 2026 के जिस दिन का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था, वही दिन दलाल स्ट्रीट के लिए किसी 'ब्लैक संडे' में तब्दील हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने के ऐलान ने बाजार की कमर तोड़ दी है। देखते ही देखते सेंसेक्स 2300 अंक तक नीचे गिर गया।
यूनियन बजट का दिन शेयर बाजार के लिए किसी फाइनल मैच से कम नहीं होता। सुबह से ही दलाल स्ट्रीट पर हलचल तेज रहती है, निवेशक हर शब्द पर नजर गड़ाए रहते हैं और बजट खत्म होते ही सेंसेक्स-निफ्टी झूले की तरह ऊपर-नीचे होने लगते हैं। लेकिन सवाल ये है कि आखिर बजट के दिन बाजार सच में कितना बदलता है?
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