भू-राजनीतिक तनाव और अन्य संकेतों की वजह से ग्लोबल मार्केट में भी सुस्ती देखी जा रही है, जिसका असर घरेलू मार्केट पर है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते वैश्विक मोर्चे पर जीडीपी वृद्धि दर, बेरोजगारी के दावों और पीएमआई आंकड़ों सहित अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े जोखिम की भावना और मुद्रा की चाल को प्रभावित करेंगे।
जनवरी 2026 के तीसरे हफ्ते तक आते-आते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जहां एक तरफ घरेलू निवेशक बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना बाजार की दिशा पर सवाल खड़े कर रहा है।
अगला हफ्ता शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खास रहने वाला है। 20 से 23 जनवरी 2026 के बीच कई बड़ी और जानी-पहचानी कंपनियों के शेयर डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू जैसे अहम कॉर्पोरेट एक्शंस के चलते फोकस में रहेंगे।
आईटी सेक्टर में जब निवेशक सुस्ती और दबाव की बात कर रहे हैं, उसी बीच देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने बाजार को चौंकाने वाला संकेत दिया है। दिसंबर 2025 तिमाही में मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी ने न सिर्फ डिविडेंड का ऐलान किया, बल्कि इसके शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत में ही तेजी का रुख अपनाया। वैश्विक संकेतों में मिश्रित रुझान के बावजूद, निवेशकों ने घरेलू बाजार में भरोसा दिखाया और सेंसेक्स 300 अंक की बढ़त के साथ 83,681.13 पर खुला। वहीं निफ्टी भी हल्की बढ़त के साथ 25,728.25 के स्तर पर खुला, यानी लगभग 62.65 अंक की बढ़त दर्ज की गई।
घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंज बीएसई और एनएसई में आज छुट्टी रहेगी। छुट्टी की वजह से बीएसई और एनएसई पर सभी तरह के कारोबार पूरी तरह से बंद रहेंगे। बाजार बंद होने की वजह मुंबई में होने वाले बीएमसी चुनाव को बताया गया है।
बुधवार की सुबह सेंसेक्स 150.32 अंक की गिरावट के साथ 83,477.37 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी में भी 36.85 अंकों की कमजोरी देखी गई, जिसके बाद यह 25,969.45 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में बढ़त और गिरावट वाले शेयरों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।
13 जनवरी को शुरुआती कारोबार में शानदार तेजी दिखाने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने अचानक यू-टर्न ले लिया। सुबह 9:15 बजे के आसपास हरे निशान में खुले सेंसेक्स और निफ्टी कुछ ही देर में दबाव में आ गए और 9:30 बजे तक दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसलते नजर आए।
भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंज बीएसई और एनएसई हर हफ्ते सिर्फ 5 दिन कारोबार करते हैं और प्रत्येक शनिवार-रविवार को बंद रहते हैं।
बीएसई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक नकली डीपफेक वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है। बीएसई ने निवेशकों और आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें और न ही इनके आधार पर कोई निवेश निर्णय लें।
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों निवेशकों के लिए हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बीते छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स अपने 2 जनवरी के उच्च स्तर 85,762 से करीब 2700 अंक लुढ़क चुका है। वहीं निफ्टी भी इस दौरान करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज कर चुका है।
12 जनवरी को बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 227 अंक लुढ़ककर 83,349 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 60 अंकों की गिरावट के साथ 25,622 के करीब पहुंच गया। बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही।
12 से 16 जनवरी के बीच कई बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट एक्शन निवेशकों की किस्मत बदलने वाले साबित हो सकते हैं। डिविडेंड, बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट जैसे फैसले न सिर्फ शेयरों की कीमतों में हलचल लाते हैं, बल्कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक्स्ट्रा रिटर्न का रास्ता भी खोलते हैं।
शुक्रवार को खत्म हुए सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 1,58,532.91 करोड़ रुपये गिरकर 19,96,445.69 करोड़ रुपये पर आ गया।
शुरुआती सत्र में आज सेक्टोरल आधार पर रियल्टी, पावर, मीडिया और हेल्थकेयर शेयरों में 0.5% से 1% की कमजोरी रही। हालांकि टेलीकॉम, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में करीब 0.5% की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव के चलते शेयर बाजार में लगातार कमजोरी का रुख देखा जा रहा है। आज कैपिटल गुड्स और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
आज की इस गिरावट के बीच, आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली। इससे पहले, सोमवार और मंगलवार को भी बाजार ने गिरावट के साथ कारोबार बंद किया था।
सेंको गोल्ड का शेयर सबसे बेहतर प्रदर्शन करता दिखा। फेस्टिव डिमांड के चलते इन जूलरी कंपनियों के शेयर भाव में तेजी देखने को मिली। सिक्कों की बिक्री भी जोरदार बढ़ी।
शुरुआती कारोबार के दौरान ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और मीडिया सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
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