अब आपको अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आधार सेंटर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। UIDAI ने इस बात की जानकारी दी है। जल्द ही आपको यह सुविधा नए आधार ऐप में मिलने वाली है।
UIDAI का कहना है कि किसी मृत व्यक्ति का आधार सक्रिय रहने पर पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या सरकारी लाभों की अवैध प्राप्ति जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
नए ऐप का उद्देश्य आधार होल्डरों के लिए ऑफलाइन डिजिटल वैरिफिकेशन को प्रोत्साहित करना और आधार कार्ड की फोटोकॉपी के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।
भुवनेश कुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखते हुए आधार का इस्तेमाल करके उम्र सत्यापन प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।
UIDAI जो आधार के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरा प्रमाणीकरण की सुविधा दे रही है, उसने बताया है कि कैसे घर बैठे-बैठे रिटायर्ड पेंशनर्स केवल दो ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं।
पश्चिम बंगाल से एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। राज्य में 34 लाख आधार कार्ड धारक ‘मृत’ पाए गए हैं। UIDAI ने भारत निर्वाचन आयोग को इस बात की जानकारी दी है।
सरकार ने नया e-Aadhaar ऐप लॉन्च किया है, जो mAadhaar ऐप के अपग्रेड के तौर पर पेश किया गया है। UIDAI ने इस ऐप को पेपरलेस वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं के लिए पेश किया है। आइए, जानते हैं नए e-Aadhaar और mAadhaar ऐप में क्या अंतर है?
बच्चों के लिए आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की सभी फीस माफ करने के साथ ही, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) MBU को अपनाने को प्रोत्साहन देने के लिए व्यवहारिक अंतर्दृष्टि का भी इस्तेमाल करेगा।
UIDAI ने आधार सेवाओं के लिए नई फीस का ब्योरा जारी कर दिया है। डेमोग्राफिक डिटेल्स में बदलाव के लिए 75 रुपये की फीस लगेगी, जबकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये की फीस लगेगी।
आधार कार्ड को और भी ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी की है। UIDAI ने इसके लिए Aadhaar Vision 2032 की घोषणा की है। इसमें AI, ब्लॉकचेन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का लक्ष्य रखा गया है।
यह नई प्रणाली उपकरणों के ईकोसिस्टम को पूरी तरह बदल देगी। वर्तमान में, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए विशिष्ट उपकरणों की जरूरत होती है। लेकिन, फेस ऑथेन्टिकेशन के साथ, यह सीमा खत्म हो जाएगी।
e-Aadhaar ऐप पर कई तरह के काम हो रहे हैं और इसे लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।
सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink का कनेक्शन लेने के लिए आपको आने वाले समय में आधार से होकर गुजरना होगा। कंपनी भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। Starlink वर्तमान में लगभग 20 लाख भारतीय ग्राहकों को सेवा देने में सक्षम है।
UIDAI ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाने से लेकर अपडेट कराने से रोकने की तैयारी कर ली है। आधार कार्ड में बायोमैट्रिक्स अपडेट कराने से लेकर जन्मतिथि बदलवाना अब आसान नहीं रहेगा।
यूआई़डीएआई अब एक ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है, जिसके जरिए माता-पिता की सहमति के साथ बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट स्कूल परिसर में ही किया जाएगा। तय समय में अगर यह अपडेट नहीं किया गया, तो आधार नंबर निष्क्रिय भी किया जा सकता है।
यूआईडीएआई ने कहा, ‘‘परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना पर, मृतक के परिवार के किसी भी सदस्य को स्वयं को प्रमाणित करने के बाद, पोर्टल पर मृतक व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण संख्या के साथ जनसंख्या संबंधी अन्य विवरण देना आवश्यक है।’’
बयान के मुताबिक, ‘‘बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए MBU का समय पर पूरा होना एक आवश्यक शर्त है। अगर 7 साल की उम्र के बाद भी एमबीयू को पूरा नहीं किया जाता है, तो मौजूदा नियमों के अनुरूप आधार संख्या निष्क्रिय हो सकती है।’’
UIDAI ने आधार में होने वाले 4 प्रमुख प्रमाण- पहचान, घर का पता, जन्म तिथि का प्रमाण और रिश्ते के प्रमाण के लिए अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स तय किए हैं।
अगर आपने किसी वजह से अपना रजिस्टर्ड नंबर खो दिया है या अपना फोन नंबर बदल लिया है, तो आप उसे ऑनलाइन भी अपडेट कर सकते हैं।
आधार के नए मोबाइल ऐप की मदद से आप आधार की हार्ड कॉपी दिए बिना ही एयरपोर्ट, होटल और बाकी जगहों पर अपने आधार डेटा को बेहद सुरक्षित तरीके से शेयर करने के लिए फेशियल ऑथेंटिफिकेशन की सुविधा होगी।
संपादक की पसंद