अमेरिका और यूरोप के देशों में जिस तरह दूरी बढ़ रही है और वे रूस से बात करने की बात कर रहे हैं तो अगर कभी अमेरिका के सामने रूस और यूरोप मिलकर आ जाएंगे तो सैन्य ताकत में कौन जीतेगा।
15 जनवरी 1919 को अमेरिका के बोस्टन में एक विशाल टैंक फटने से शीरे की विनाशकारी बाढ़ आ गई थी। ‘ग्रेट मोलासेस फ्लड’ नाम से जाने गए इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक घायल हुए थे।
भारत की संसद में पास हुए न्यूक्लियर एनर्जी बिल, 2025 में अमेरिका को इंटरेस्ट आ गया है, इसको लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और एस. जयशंकर की बातचीत हुई। साथ ही, हिंद-प्रशांत को लेकर भी चर्चा हुई जो चीन की बेचैनी बढ़ा सकती है।
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की धमकी के बाद रूस भड़क गया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे कदम से मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर नुकसान होगा। रूस ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का आरोप लगाया।
डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली जिद से NATO में दरार पड़ सकती है, और यही उथल-पुथल भारत के लिए सुनहरा मौका बना सकती है। विदेश मामलों के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव ने इस खास इंटरव्यू में नॉर्थ पोल की पिघलती बर्फ का एक-एक राज खोला।
ग्रीनलैंड में प्रचुर खनिज और तेल होने के बावजूद अमेरिका का असली लक्ष्य आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक लगता है। ट्रंप आर्कटिक में रूस-चीन के प्रभाव को रोकने और सैन्य-भूराजनैतिक बढ़त हासिल करने के लिए ही ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर बयान महज कूटनीति नहीं, बल्कि उपनिवेशवाद की पुरानी सोच को फिर से हवा दे रहा है। इस आर्टिकल में समझिए कि ट्रंप की सोच दुनिया के तमाम देशों के लिए क्यों खतरनाक है।
ताकत के आधार पर कूटनीति और जंग की बढ़ती भूख को लेकर पोप लियो XIV ने पूरे विश्व को चेताया है। पोप ने रूस-यूक्रेन जंग और बढ़ती ग्लोबल टेंशन के बीच कहा कि युद्ध की बढ़ती इच्छा शांति के लिए बड़ा खतरा है।
ईरान में आर्थिक संकट और आज़ादी पर पाबंदियों के खिलाफ बड़े प्रदर्शन जारी हैं। निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने आंदोलन का खुला समर्थन किया है और खुद को विपक्ष के चेहरे के रूप में पेश किया है। ऐसे में राजशाही की वापसी की चर्चा तेज हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी क्या अब ‘अमेरिका अलोन’ की तरफ बढ़ रही है? पूरी दुनिया पर इसका असर कैसे पड़ेगा और क्या कोई नया वैश्विक लीडर मिलने वाला है, इन्हीं अहम सवालों के जवाब अमेरिकी मामलों के एक्सपर्ट डॉ. मोनीश तौरंगबाम से इस EXCLUSIVE इंटरव्यू में जानिए।
डोनाल्ड ट्रंप को उनके ही देश में झटका मिल गया है। अमेरिकी सीनेटर ने ट्रंप के टैरिफ का विरोध कर दिया है। जानें उन्होंने टैरिफ पर क्या-क्या कहा?
ऑपरेशन सिंदूर पर झूठ बोलने को लेकर पाकिस्तान और उसके समर्थकों को पोल खुल गई है। FARA के दस्तावेज शेयर करते हुए अमित मालवीय ने ऐसा दावा किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले से इस बार संयुक्त राष्ट्र को झटका दे दिया है। अमेरिका अब 66 इंटरनेशनल संस्थाओं से बाहर निकलने वाला है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाकर जबरन अमेरिका ले जाने के अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है। उसने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
अमेरिकी थिंक टैंक की एक रिपोर्ट ने बहुत ही चौंकाने वाला दावा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान पर हमले की स्थिति में चीन को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ सकता है। ताइवान के साथ यह युद्ध महीनों चल सकता है, जिसमें चीन के एक लाख सैनिक मारे जा सकते हैं।
वेनेजुएला कार्रवाई के बाद ट्रंप की मैक्सिको पर धमकियां दबाव की रणनीति हैं। मैक्सिको लोकतांत्रिक, अहम व्यापारिक साझेदार और सहयोगी है। ड्रग्स व प्रवासन पर सहयोग बढ़ रहा है। सैन्य हमला अमेरिका के हित में नहीं, जोखिम ज्यादा हैं। इसलिए एकतरफा कार्रवाई की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
अमेरिकी फौज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को जबरन काराकस में पकड़ा और उन्हें अपने देश ले गई। इसको लेकर भारत ने बयान जारी किया है। जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा है।
Delcy Rodriguez News: वेनेजुएला में राष्ट्रपति बदलने के साथ ही क्या किसी महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल गेम का पर्दा उठ चुका है? जिन डेल्सी रोड्रिग्ज पर कभी अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे, आज ट्रंप उन्हीं की तारीफ क्यों कर रहे हैं। क्या ये डील का संकेत है या ट्रंप की कोई नई रणनीति?
Baba Vanga Prediction: नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा, इन दोनों की भविष्यवाणियां साल 2026 को युद्ध और तबाही वाला साल बताती हैं। अब सवाल है कि वेनेजुएला में अमेरिकी एक्शन क्या सिर्फ इत्तेफाक है, या दुनिया थर्ड वर्ल्ड वॉर की तरफ एक कदम बढ़ गई है?
अमेरिका को मंच से ‘कायर’ कहकर अपनी लोकेशन बताने वाले निकोलस मादुरो के चैलेंज को व्हाइट हाउस ने स्वीकार किया और आर्मी भेजकर उन्हें पकड़ लिया। व्हाइट हाउस ने इस घटनाक्रम का वीडियो शेयर किया है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़