Father of All Deals: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील कैसे मुमकिन हुई, डोनाल्ड ट्रंप का 18 फीसदी तक टैरिफ घटाना कितना सही और इस व्यापार समझौते से किन सेक्टर्स को फायदा होगा, ये बातें इस आर्टिकल में जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट सुशांत सरीन से समझें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच गहरी नफरत शांति समझौते में बड़ी बाधा है। हालांकि ट्रंप का दावा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में प्रगति हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेताया कि सदस्य देशों के बकाया भुगतान न मिलने पर जुलाई तक संगठन का बजट खत्म हो सकता है। अमेरिका पर सबसे ज्यादा बकाया है, जिससे UN के कामकाज और शांति अभियानों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
ट्रंप ने पूरी दुनिया को चेतावनी दी है कि अगर उनके दुश्मन देश को तेल बेचा तो वे उस देश से आने वाली चीजों पर भारी टैरिफ लगाएंगे। जानें ने ट्रंप ने किस देश को लेकर नया ऑर्डर जारी किया है।
अमेरिका की इमिग्रेशन अदालत ने चीन के नागरिक गुआन हेंग को शरण दे दी है। उन्होंने शिनजियांग में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के वीडियो जारी किए थे। गुआन ने अमेरिका में अवैध रूप से एंट्री ली थी लेकिन जज ने माना कि चीन लौटने पर उन्हें गंभीर उत्पीड़न का खतरा है।
बांग्लादेश में आम चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच अमेरिका के नव नियुक्त राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की है। जानें दोनों के बीच किन मुद्दों पर बात हुई है।
तेजी से बदलती वैश्विक राजनीति में भारत-यूरोप का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कितना फायदेमंद साबित हो सकता है, इस मुद्दे पर पूर्व राजनयिक दीपक वोहरा ने एक्सक्लूसिव बातचीत की और इतिहास के किस्सों से लेकर वर्तमान की सच्चाइयों को याद कराया।
डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से चीन ने इनकार कर दिया है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित इंटरनेशनल सिस्टम पर भरोसा जताया है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस अपने चौथे बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं। जुलाई के अंत में उनके बेटे के जन्म की संभावना है। दंपति के पहले से तीन बच्चे हैं और उन्होंने यह खुशखबरी एक संयुक्त बयान में साझा की।
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने उन्हें मारने की कोशिश की तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह नष्ट कर देगा, जबकि तेहरान से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है। बता दे कि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव विरोध प्रदर्शनों, सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों से और गंभीर हो गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ लड़ाइयां रोककर लाखों जानें बचाईं, इसलिए उन्हें आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। उन्होंने पुरस्कार न मिलने के लिए एक बार फिर नार्वे पर निशाना साथा।
अमेरिका और यूरोप के देशों में जिस तरह दूरी बढ़ रही है और वे रूस से बात करने की बात कर रहे हैं तो अगर कभी अमेरिका के सामने रूस और यूरोप मिलकर आ जाएंगे तो सैन्य ताकत में कौन जीतेगा।
15 जनवरी 1919 को अमेरिका के बोस्टन में एक विशाल टैंक फटने से शीरे की विनाशकारी बाढ़ आ गई थी। ‘ग्रेट मोलासेस फ्लड’ नाम से जाने गए इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक घायल हुए थे।
भारत की संसद में पास हुए न्यूक्लियर एनर्जी बिल, 2025 में अमेरिका को इंटरेस्ट आ गया है, इसको लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और एस. जयशंकर की बातचीत हुई। साथ ही, हिंद-प्रशांत को लेकर भी चर्चा हुई जो चीन की बेचैनी बढ़ा सकती है।
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की धमकी के बाद रूस भड़क गया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे कदम से मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर नुकसान होगा। रूस ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का आरोप लगाया।
डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली जिद से NATO में दरार पड़ सकती है, और यही उथल-पुथल भारत के लिए सुनहरा मौका बना सकती है। विदेश मामलों के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव ने इस खास इंटरव्यू में नॉर्थ पोल की पिघलती बर्फ का एक-एक राज खोला।
ग्रीनलैंड में प्रचुर खनिज और तेल होने के बावजूद अमेरिका का असली लक्ष्य आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक लगता है। ट्रंप आर्कटिक में रूस-चीन के प्रभाव को रोकने और सैन्य-भूराजनैतिक बढ़त हासिल करने के लिए ही ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर बयान महज कूटनीति नहीं, बल्कि उपनिवेशवाद की पुरानी सोच को फिर से हवा दे रहा है। इस आर्टिकल में समझिए कि ट्रंप की सोच दुनिया के तमाम देशों के लिए क्यों खतरनाक है।
ताकत के आधार पर कूटनीति और जंग की बढ़ती भूख को लेकर पोप लियो XIV ने पूरे विश्व को चेताया है। पोप ने रूस-यूक्रेन जंग और बढ़ती ग्लोबल टेंशन के बीच कहा कि युद्ध की बढ़ती इच्छा शांति के लिए बड़ा खतरा है।
ईरान में आर्थिक संकट और आज़ादी पर पाबंदियों के खिलाफ बड़े प्रदर्शन जारी हैं। निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने आंदोलन का खुला समर्थन किया है और खुद को विपक्ष के चेहरे के रूप में पेश किया है। ऐसे में राजशाही की वापसी की चर्चा तेज हो गई है।
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