वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाकर जबरन अमेरिका ले जाने के अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है। उसने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
अमेरिकी थिंक टैंक की एक रिपोर्ट ने बहुत ही चौंकाने वाला दावा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान पर हमले की स्थिति में चीन को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ सकता है। ताइवान के साथ यह युद्ध महीनों चल सकता है, जिसमें चीन के एक लाख सैनिक मारे जा सकते हैं।
वेनेजुएला कार्रवाई के बाद ट्रंप की मैक्सिको पर धमकियां दबाव की रणनीति हैं। मैक्सिको लोकतांत्रिक, अहम व्यापारिक साझेदार और सहयोगी है। ड्रग्स व प्रवासन पर सहयोग बढ़ रहा है। सैन्य हमला अमेरिका के हित में नहीं, जोखिम ज्यादा हैं। इसलिए एकतरफा कार्रवाई की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
अमेरिकी फौज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को जबरन काराकस में पकड़ा और उन्हें अपने देश ले गई। इसको लेकर भारत ने बयान जारी किया है। जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा है।
Delcy Rodriguez News: वेनेजुएला में राष्ट्रपति बदलने के साथ ही क्या किसी महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल गेम का पर्दा उठ चुका है? जिन डेल्सी रोड्रिग्ज पर कभी अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे, आज ट्रंप उन्हीं की तारीफ क्यों कर रहे हैं। क्या ये डील का संकेत है या ट्रंप की कोई नई रणनीति?
Baba Vanga Prediction: नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा, इन दोनों की भविष्यवाणियां साल 2026 को युद्ध और तबाही वाला साल बताती हैं। अब सवाल है कि वेनेजुएला में अमेरिकी एक्शन क्या सिर्फ इत्तेफाक है, या दुनिया थर्ड वर्ल्ड वॉर की तरफ एक कदम बढ़ गई है?
अमेरिका को मंच से ‘कायर’ कहकर अपनी लोकेशन बताने वाले निकोलस मादुरो के चैलेंज को व्हाइट हाउस ने स्वीकार किया और आर्मी भेजकर उन्हें पकड़ लिया। व्हाइट हाउस ने इस घटनाक्रम का वीडियो शेयर किया है।
निकोलस मादुरो ने अमेरिका को दांत तोड़ने की धमकी दी थी और इसके 23 दिन के अंदर ही अमेरिकी सैनिकों को उन्हें पकड़ने में सफलता मिल गई। जानें ये पूरी घटना कैसे हुई।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को पकड़कर अमेरिका ले जाया गया है। अब सवाल है कि क्या अमेरिका में उनपर मुकदमा चलेगा, और किन आरोपों के साथ उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अमेरिका-वेनेजुएला टेंशन के बीच पूरी दुनिया को निकोलस मादुरो के पकड़े जाने ने चौंका दिया, लेकिन अमेरिका का इतिहास बताता है कि वह पहले भी ऐसा कर चुका है।
अमेरिका और वेनेजुएला के टकराव के पीछे महज 2 नेताओं का विवाद नहीं, बल्कि इसमें विचारधारा, कच्चे तेल, ड्रग, घुसपैठिए और बहुत सारे दूसरे फैक्टर शामिल हैं। विदेश मामलों के जानकार रोबिंदर सचदेव ने बताया कि कैसे वेनेजुएला का तेल पूरी जियोपॉलिटिक्स की धुरी बन गया है। पढ़ें एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।
अमेरिका ने 2026 की शुरुआत में ही वेनेजुएला पर हमला कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, काराकास में बड़े धमाके की आवाज सुनी गई और हमले में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। देखिए, हमले से जुड़े ये 5 खौफनाक वीडियो।
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को हिंसा से कुचलता है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। ईरान ने इसे नकारते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनकी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय अराजकता फैल सकती है।
अमेरिकी थिंक टैंक CFR ने चेतावनी दी है कि बढ़ती आतंकी गतिविधियों के कारण 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच फिर सशस्त्र संघर्ष हो सकता है। रिपोर्ट में मई 2025 की झड़पों और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यात्रा प्रतिबंध के जवाब में माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों की एंट्री पर बैन लगा दिया। यह फैसला पश्चिम अफ्रीका की सैन्य सरकारों और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को दिखाता है।
जॉर्डन ने इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर अमेरिका के साथ मिलकर हमले करने की पुष्टि की है। यह हमला इस महीने की शुरुआत में 3 अमेरिकी नागरिकों की हत्या के जवाब में किया गया था। जॉर्डन ने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य चरमपंथियों को रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखना था।
थाईलैंड और कंबोडिया बॉर्डर तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों को दोबारा शांति समझौते पर राजी कर लिया, जिससे बढ़ती हिंसा पर तत्काल ब्रेक लगा।
पुतिन भारत दौरे पर हैं, जबकि इसी वक्त यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा हुआ है। वह अमेरिकी नेताओं के साथ बैठक करेगा और पुतिन की शर्तों पर बातचीत कर सकता है।
साल 2024 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं से 1,77,177 लोगों की मौत हुई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हर दिन औसतन 485 लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं। प्रति लाख आबादी पर मौत दर चीन में भारत से कम और अमेरिका में ज्यादा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि जो भी दस्तावेज पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऑटोपेन से साइन किए थे, वे सभी रद्द होंगे। ट्रंप ने बाइडेन पर नियंत्रण खोने और स्टाफ पर निर्भर रहने का आरोप लगाया।
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