Mal Assembly Election: पश्चिम बंगाल की मालबाजार विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां ममता बनर्जी के दल TMC और BJP के बीच कड़ा मुकाबला है।
Garbeta Assembly Election: गारबेटा में टीएमसी की कोशिश लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की होगी। वहीं बीजेपी पहली बार इस सीट को अपने नाम करना चाहेगी। फिलहाल टीएमसी मजबूत स्थिति में नजर आती है।
Raipur Assembly Election: रायपुर लंबे समय तक लेफ्ट का गढ़ रहा, लेकिन अब यहां टीएमसी लगातार दो चुनाव जीत चुकी है। ऐसे में बीजेपी के लिए ममता के गढ़ में सेंध लगाना आसान नहीं होगा।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने TMC पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने TMC पर कुशासन का आरोप लगयाा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से "50 लाख से अधिक घुसपैठियों" को हटा दिया गया है।
Dhupguri Assembly Election: पश्चिम बंगाल की धूपगुड़ी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए रिजर्व है। यहां ममता बनर्जी की पार्टी TMC और BJP के बीच कड़ी टक्कर है।
Ranibandh Assembly Election: रानीबांध में पिछले दो चुनाव टीएमसी ने जीते हैं, लेकिन बीजेपी का वोट प्रतिशत भी लगातार बढ़ा है। 2021 की जीत 2016 की तुलना में छोटी थी। ऐसे में 2026 में बाजी पलट सकती है।
Onda Assembly Election: ओंदा में 2006 में लेफ्ट की पार्टी जीती थी, लेकिन अगले दो चुनाव में टीएमसी को जीत मिली। 2021 में यहां की जनता ने बीजेपी का साथ दिया। अबकी बार बीजेपी और टीएमसी में कड़ी टक्कर रह सकती है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस वोटर लिस्ट में 5.46 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों को जल्द ही ऐलान हो सकता है। इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक मार्च में तारीखों का ऐलान होगा और अप्रैल में मतदान संभावित है।
मेनका गुरुस्वामी 1997 में बार में शामिल हुईं और उस समय के भारत के अटॉर्नी जनरल, अशोक देसाई के साथ काम करना शुरू किया। गुरुस्वामी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (D.Phil) से रोड्स स्कॉलर और हार्वर्ड लॉ स्कूल (LL.M) से गैमन फेलो हैं।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है। तरीखों का ऐलान भले ही ना हुआ हो लेकिन राज्य में सियासी पारा जरूर चढ़ गया है। चलिए ऐसे में मेमारी विधानसभा सीट के सियासी समीकरण पर नजर डालते हैं।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। नेताओं ने वोटरों को लुभाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। चलिए ऐसे में जानते हैं कि इस बार कटवा विधानसभा सीट पर क्या सियासी समीकरण बन रहे हैं।
आसनसोल में एक 7 महीने के बच्चे का शव घर के पानी के टैंक में मिला है। बताया जा रहा है कि बच्चे की हत्या उसकी मामी ने ही की है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
कोलकाता में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। कोलकाता समेत राज्य के अलग-अलग जिलों में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 थी।
Saltora Assembly Election: सालतोड़ा में अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें से दो टीएमसी ने जीते थे और तीसरा बीजेपी के खाते में गया। इस बार दोनों पार्टियों में कांटे की टक्कर होना तय है।
Jalpaiguri Assembly Election: पश्चिम बंगाल की जलपाईगुड़ी विधानसभा सीट जलपाईगुड़ी जिले की सदर सीट है। यह सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां पिछले 1 दशक में ममता बनर्जी की पार्टी TMC का दबदबा रहा है।
Siliguri Assembly Election: पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्य की सिलीगुड़ी सीट पर सभी की नजरें हैं। आइए जानते हैं कि इस सीट पहले क्या परिणाम देखने को मिले हैं।
Bishnupur Assembly Election: बिष्णुपुर में टीएमसी ने आखिरी बार 2011 में जीत हासिल की थी, लेकिन यहां का विधायक हमेशा से ही टीएमसी का हिस्सा रहा है। 2016 में कांग्रेस और 2021 में बीजेपी उम्मीदवार जीतने के बाद टीएमसी में शामिल हो गए।
Bankura Assembly Election: बांकुड़ा में पिछले कुछ समय से किसी भी पार्टी ने लगातार दो चुनाव नहीं जीते हैं। 2011 में टीएमसी के काशीनाथ मिश्रा की मौत के बाद उनकी पत्नी ने उपचुनाव जीता था, लेकिन इसके बाद ममता की पार्टी दोनों चुनाव हारी है।
Raghunathpur Assembly Election: रघुनाथपुर में बीजेपी लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। वहीं, टीएमसी की कोशिश यहां अपनी खोई जमीन दोबारा हासिल करने की होगी।
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