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  5. सालों पहले उधार खाई थी 25 रु. की मूंगफली, अब अमेरिका से आकर लौटाए 25 हजार, यूजर बोले: इंसानियत जिंदाबाद

सालों पहले उधार खाई थी 25 रु. की मूंगफली, अब अमेरिका से आकर लौटाए 25 हजार, यूजर बोले: इंसानियत जिंदाबाद

 11 साल बाद मोहन के बच्चे नेमानी प्रणब और शुचिता फिर भारत आए और उन्होंने मूंगफली वाले सतैया को खोजा क्योंकि उनको उसका उधार जो लौटाना था। 

India TV Viral Desk Written by: India TV Viral Desk
Published on: January 05, 2022 15:37 IST
वायरल न्यूज- India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK:DWARAMPUDI CHANDRASEKHARA REDDY वायरल न्यूज

Highlights

  • मामला 2010 का है जब मोहन नामक NRI अपने दो बच्चों के साथ आंध्र प्रदेश के कोथावल्ली बीच पर घूमने आए।
  • बच्चों की फरमाइश पर उन्होंने बीच पर 25 रुपए की मूंगफली खरीदी। लेकिन वो बटुआ होटल में ही भूल आए थे।
  • 11 साल बाद मोहन के बच्चे नेमानी प्रणब और शुचिता फिर भारत आए और उन्होंने मूंगफली वाले को खोजा क्योंकि उनको उधार जो चुकाना था।

दुनिया में अभी भी इंसानियत जिंदा है। लोग भले ही कितने भी मौकापरस्त और मतलबी हो गए हों लेकिन गाहे बगाहे ऐसे लोग टकरा जाते हैं जो ईमानदार होते हैं और वायदों और अहसानों को याद रखते हैं। कुछ ऐसा ही वाकया अमेरिका से लौटे एक एनआरआई भाई बहनों के साथ हुआ जिन्होंने 12 साल पहल उधाई खाई मूंगफली के पैसे ईमानदारी से कई गुना करके लौटा दिए। ईमानदारी और इंसानियत का ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

ये मामला 2010 का है जब मोहन नामक NRI अपने दो बच्चों के साथ आंध्र प्रदेश के कोथावल्ली बीच पर घूमने आए। बच्चों की फरमाइश पर उन्होंने बीच पर 25 रुपए की मूंगफली खरीदी। लेकिन वो बटुआ होटल में ही भूल आए थे और उनके पास मूंगफली वाले को देने के लिए पैसे ही नहीं थे। तब सतैया नाम के इस मूंगफली वाले ने उदारता दिखाई और उन्हें कहा कि यूं ही ले जाइए। लेकिन मोहन ने कहा कि ये उधारी रही और उन्होंने सतैया की एक फोटो भी खींच ली। 

फिर मोहन बच्चों के साथ अमेरिका लौट गए। 11 साल बाद मोहन के बच्चे नेमानी प्रणब और शुचिता फिर भारत आए और उन्होंने मूंगफली वाले सतैया को खोजा क्योंकि उनको उसका उधार जो लौटाना था। 

लेकिन सतैया नहीं मिला, फिर इन्होंने शहर के विधायक की मदद ली जिसने अपने फेसबुक अकाउंट पर 12 साल पहले खींची गई सतैया की फोटो डालकर लोगों से उसकी तलाश करने की मदद मांगी।

मदद मिली और सतैया का घर मिल गया। अफसोस कि सतैया तो रहा नहीं लेकिन उसके परिवार को सतैया की उधारी पूरे सूद समेत मिल गई। 

जी हां, मोहन के बेटे ने 12 साल पहले उधार 25 रुपए के बदले सतैया के परिवार को पूरे 25 हजार रुपए दिए। सतैया की उदारता और मोहन की ईमानदारी की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है औऱ विधायक की पोस्ट पर लोग कमेंट्स भी कर रहे हैं।

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