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BRICS: Pakistan को ‘ड्रैगन’ का बड़ा झटका, ‘पक्के दोस्त’ को छोड़कर China ने दिया भारत का साथ

 Written By: Vineet Kumar @JournoVineet
 Published : Jun 30, 2022 07:34 pm IST,  Updated : Jun 30, 2022 07:34 pm IST

ब्रिक्‍स में अल्‍जीरिया, आर्जेंटीना, कंबोडिया, मिस्र, इथोपिया, फिजी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाखस्‍तान, सेनेगल, मलेशिया जैसी दुनिया की उभरती अर्थव्यस्थाओं ने शिरकत की।

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China President Xi Jinping, PM Narendra Modi and Pakistan PM Shehbaz Sharif. Image Source : AP/PTI

Highlights

  • पाकिस्तान की कोशिशों को भारत ने चीन के साथ मिलकर बेकार कर दिया।
  • वैश्विक मोर्चे पर भारत से मिली इस हार के बाद पाकिस्तान बौखला गया है।
  • पाकिस्तान ने बाद में BRICS के सफल आयोजन को लेकर चीन को बधाई दी।

BRICS: पाकिस्तान के दिन इस समय कुछ खास अच्छे नहीं चल रहे हैं। कभी भारत की बराबरी का ख्वाब देखने वाला यह मुल्क अब कंगाल हो चुका है, और लोन के पैसे पर चल रहा है। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे उसके ‘सदाबहार’ दोस्त चीन ने ही धोखा दे दिया है, और वह भी भारत के लिए। दरअसल, पाकिस्तान BRICS में घुसने की फिराक में था, लेकिन भारत ने चीन के साथ मिलकर उसके इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया।

पाकिस्तान की कोशिशों पर यूं फिर गया पानी

बता दें कि ब्रिक्‍स में अल्‍जीरिया, आर्जेंटीना, कंबोडिया, मिस्र, इथोपिया, फिजी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाखस्‍तान, सेनेगल, मलेशिया जैसी दुनिया की उभरती अर्थव्यस्थाओं ने शिरकत की। इस बैठक में पाकिस्तान भी शिरकत करना चाहता था, लेकिन भारत ने उसकी ये चाल भांप ली और BRICS की अध्यक्षता कर रहे चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान की कोशिशों पर पानी फेर दिया। इसमें रूस का भी एक बड़ा रोल है, जिसने भारत के रुख का समर्थन किया था। रूस का इशारा मिलने के बाद चीन ने पाकिस्तान का रास्ता रोकना ही बेहतर समझा।

PM मोदी ने BRICS के कार्यक्रम को किया था संबोधित
BRICS के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया था। चीन ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया जब भारत के राजदूत ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से BRICS सम्‍मेलन से ठीक पहले मुलाकात की थी। इस मुलाकात में द्विपक्षीय और अंतरराष्‍ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई थी। खास बात यह है कि मुलाकात के बाद जारी बयान में वांग यी ने यूरोप के वर्चस्ववाद को चुनौती देते हुए दिए गए विदेश मंत्री जयशंकर के बयान की खुलकर तारीफ की थी।

बुरी तरह बौखला गया था पाकिस्तान
अपनी कोशिश के नाकाम होने पर पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया था। उसने सोमवार को आरोप लगाया कि ब्रिक्स के ‘एक सदस्य’ ने BRICS के इतर आयोजित एक डिजिटल बैठक में उसकी भागीदारी को रोक दिया था। विदेश कार्यालय ने कहा था कि BRICS के शिखर सम्मेलन के इतर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कई विकासशील/उभरती अर्थव्यवस्थाओं को आमंत्रित किया गया। उसने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच संबंधों के इतिहास को देखते हुए वह परोक्ष रूप से भारत की ओर इशारा कर रहा था।

चीन ने भी भागीदारी की बात को घुमा दिया
वहीं, कार्यक्रम में पाकिस्तान की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, ‘वैश्विक विकास पर उच्च स्तरीय वार्ता आयोजित करने का निर्णय ब्रिक्स देशों के बीच परामर्श पर आधारित था। चीन और पाकिस्तान हमेशा के लिए रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं।’ इस तरह देखा जाए तो चीन ने पाकिस्तान को इस मुद्दे पर घुमा दिया। वही, पाकिस्तान ने एक बयान जारी कर चीन को BRICS शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी थी।

कश्मीर में G20 की बैठक होने से रोकेगा पाकिस्तान!
इस बीच, सोमवार को मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान जी-20 ग्रुप से संपर्क कर भारत को कश्मीर में किसी भी कार्यक्रम या बैठक को आयोजित करने से रोकने की कोशिश करेगा। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के लिए खासतौर से चीन, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देशों से संपर्क करेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान इस मसले पर अमेरिका, ब्रिटेन और जी20 के अन्य सदस्यों से भी बात करेगा।

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