

जब भी महाकाव्य 'रामायण' की बात होती है, रामानंद सागर की रामायण के पात्रों के चेहरे आंखों के सामने से घूम जाते हैं। 'रामायण' का पहला एपिसोड 1987 में आया था और आते ही दर्शकों के बीच छा गया था।
Image Source : Instagramएक समय ऐसा था जब दर्शक इस सीरियल के लिए घंटों इंतजार करते थे और जैसे ही धारावाहिक शुरू होता, मानो शहर के शहर रुक जाते थे। कोरोना काल में जब इस धारावाहिक को री-टेलीकास्ट किया गया तब भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
Image Source : Instagramरामायण के कलाकारों ने इस धारावाहिक के लिए कितनी मेहनत की थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये कलाकार 4 साल तक अपने परिवार से दूर रहे थे। इस बात का खुलासा खुद रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने किया था।
Image Source : Instagramदीपिका चिखलिया ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था कि इस पौराणिक धाराविक में काम करना सभी कलाकारों के लिए मुश्किल था, क्योंकि शूटिंग के दौरान कलाकारों ने लगातार 4 साल तक दिवाली जैसा त्योहार नहीं मनाया था।
Image Source : Instagramदीपिका चिखलिया ने इसके पीछे की वजह भी बताई। न्यूज 24 से बातचीत के दौरान दीपिका चिखलिया ने ये पूरा किस्सा शेयर किया।
Image Source : Instagramदीपिका चिखलिया ने कहा- 'भले ही लोगों के लिए ये धारावाहिक किसी सेलिब्रेशन जैसा था, लेकिन रामायण की पूरी टीम चार साल तक इस त्योहार को नहीं मना सकी थी।'
Image Source : Instagramदीपिका ने बताया कि रामायण की शूटिंग महाराष्ट्र के बॉर्डर के पास स्थित लोकेशन में चल रही थी और ये जगह उनके घरों से बहुत दूर थी। इसलिए किसी भी त्योहार में सबका घर जा पाना मुश्किल था।
Image Source : Instagramरामायण और लव-कुश दोनों सीरियल शूटिंग साथ मिलाकर लगभग 4 साल तक चली और इस दौरान टीम दिवाली जैसे त्योहार में भी घर नहीं जा सकी और सबने सेट पर ही त्योहार सेलिब्रेट किए।
Image Source : Instagramइसी के साथ दीपिका ने कहा कि ये शो उनके और पूरी रामायण की टीम के लिए इतना खास था कि उन्हें ये बात कभी नहीं खली। उनकी मेहनत रंग लाई और आज भी ये भारत के सबसे पसंदीदा टीवी धारावाहिकों में से एक है।
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