

निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है जो बैक्टीरिया के वायरस के कारण होता है और इसमें फेफड़ों के तरल पदार्थ से भर जाते हैं।
Image Source : freepikयह बीमारी हल्की से लेकर जानलेवा भी हो सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं निमोनिया का खतरा किन लोगों को ज़्यादा होता है।
Image Source : freepik2 साल से कम उम्र के बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली अभी विकसित हो रही होती है, इसलिए वे निमोनिया से अधिक संवेदनशील होते हैं।
Image Source : freepikबच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली बैक्टीरिया और वायरस से प्रभावी ढंग से लड़ने में कम सक्षम होती है, जिससे निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है
Image Source : freepik65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में निमोनिया का खतरा अधिक होता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है
Image Source : freepikनिमोनिया का खतरा बढ़ने से फेफड़ों की पुरानी बीमारियां जैसे अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सीओपीडी का खतरा बढ़ सकता है।
Image Source : freepikडाइबिटीज, हृदय, किडनी या लिवर की बीमारियां निमोनिया के खतरे को बढ़ाती हैं और इस दौरान इन अंगों को और नुकसान पहुंचाती हैं।
Image Source : freepikधूम्रपान करने वालों में निमोनिया होने का खतरा ज़्यादा होता है। धूम्रपान प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है।
Image Source : freepikकमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में भी निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। इसमें संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
Image Source : freepikNext : किस विटामिन की कमी से पैर में दर्द होता है?