

महाकुंभ 2025 में शुरुआती चार दिनों में सात करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मेले में लगभग 45 करोड़ लोग शामिल होंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि लोगों की इतनी बड़ी संख्या में गिनती कैसे की जाती है।
Image Source : PTIमहाकुंभ में लोगों के गिनती के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की सटीक संख्या पता करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में अलग-अलग तरीकों से लोगों की अनुमानित संख्या पता की जाती है, ताकि आंकड़े ज्यादा सटीक हों।
Image Source : PTIमुगलों के समय में प्रयागराज आने वाले सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं को रोककर उनकी गिनती की जाती थी। इसके बाद सड़क से आने वाले लोगों की गिनती के साथ ट्रेन के टिकट की संख्या के आधार पर श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया जाता था।
Image Source : PTIइसके बाद सैटेलाइट और कैमरे का इस्तेमाल भी लोगों की गिनती के लिए होने लगा। हालांकि, इसमें यह खामी थी कि एक ही व्यक्ति को दो या उससे ज्यादा बार गिन लिया जाता था। अब इस खामी को भी दूर किया गया है।
Image Source : PTIइस बार पूरे कुंभ मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस कैमरे लगाए गए हैं, जो अलग-अलग तरीके से लोगों की गिनती कर रहे हैं। ट्रेन और बस के टिकटों के आधार पर भी लोगों की सटीक संख्या पता करने की कोशिश की जा रही है।
Image Source : PTIमहाकुंभ में लोगों की गिनती के लिए क्राउड असेसमेंट टीम बनाई गई है। यह टीम पहले दिन से ही कुंभ मेले में आने वाले लोगों की गिनती कर रही है। आर्टिफिशियल इंजेलीजेंस से लैस कैमरे महाकुंभ में आने वाले लोगों का चेहरा स्कैन करते हैं और उनकी गिनती हो जाती है। इससे एक ही व्यक्ति दूसरी बार नहीं गिना जा रहा है।
Image Source : PTIएआई कैमरे कुंभ में मौजूद भीड़ के हिसाब से अनुमान लगाते हैं कि एक घंटे में कितने लोग वहां आए। महाकुंभ मेला क्षेत्र में ऐसे 1800 कैमरे हैं। इसके अलावा ड्रोन की मदद से क्षेत्र में भीड़ का घनत्व मापा जा रहा है। इसके जरिए संगम में स्नान करने वाले लोगों का अनुमान लगाता जा रहा है।
Image Source : PTIकुंभ मेला क्षेत्र में 360 डिग्री कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 1100 कैमरे तय स्थानों पर हैं। वहीं, 744 कैमरे अस्थायी रूप से लगाए गए हैं, जिनका स्थान बदलता रहता है। इन कैमरों के जरिए और ड्रोन से जनसंख्या घनत्व पता कर लोगों की संख्या का अनुमान लगाया जा रहा है।
Image Source : PTIकिस रूट से कितने लोग आ रहे हैं। इसकी भी गिनती की जा रही है। मेला क्षेत्र के अंदर आने वाले लोगों की भी गिनती हो रही है। भीड़ का घनत्व और मेला क्षेत्र में मोबाइल फोन की संख्या का आंकड़ा भी क्राउट असेसमेंट टीम को भेजा जा रहा है। यही टीम कुंभ में शामिल होने वाले लोगों की आधिकारिक संख्या बता रही है।
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