

हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पूज्यनीय है और इसकी माला को पहनने का भी बहुत अधिक महत्व होता है, आइए जानते हैं तुलसी की माला पहनने के क्या हैं नियम।
Image Source : File Imageतुलसी की माला को पहनने के कुछ नियम बताए गए हैं अगर आप उनका पालन कर सकते हैं। तो 108 दाने वाली माला को धारण किया जा सकता है।
Image Source : India Tvतुलसी की माला को गले में पहना जाता है और इसे धारण करने के कुछ नियम पुराणों में बताए गए हैं।
Image Source : India Tvशास्त्रों के अनुसार यदि आप तुलसी की माला पहनते हैं तो आपको तामसिक भोजन जैसे की प्याज, लहसुन, मास मदिरा इन सब चीजों को छोड़ना पड़ेगा।
Image Source : Pexelsभूल से भी तुलसी की माला पहनकर इन सब चीजों का सेवन न करें वरना पाप के भोगी बनेंगे।
Image Source : Pexelsइस माला को गले में पहना जाता है इसलिए इसे तुलसी की कंठी भी कहते हैं।
Image Source : India Tvतुलसी की माला अगर आप ने पहन रखी है तो रोज प्रातः उठ कर स्नान करें और उसके बाद भगवान विष्णु के किसी भी नाम का जाप करें।
Image Source : India Tvभगवान विष्णु उन भक्तों से बहुत प्रसन्न होते हैं जो अपने गले में तुलसी की माला धारण करते हैं और उसका नियम पूर्वक पालन करते हैं।
Image Source : File Imageतुलसी की कोई नई माला लाकर आप पहनते हैं तो उसे दूध और गंगा जल से स्नान कराने के बाद गुरुवार, शुक्रवार या एकादशी के शुभ दिन में पहन सकते हैं।
Image Source : File Imageयदि किसी कारण आपको तुलसी की माला उतारनी पड़ती है तो उसे किसी पवित्र जगह पर ही रखें या किसी तीर्थ नदी मे उसे विसर्जित कर दें।
Image Source : File Imageअगर आप किसी के दाह संस्कार में जाते हैं तो तुलसी की माला को घर के किसी पवित्र स्थान पर लाल या पीले रंग के कपड़े में रख कर जाएं और घर आकर स्नान करने के बाद उसे धारण करें।
Image Source : File Imageपुराणों में बताया गया है कि तुलसी की माला धारण करने से मन शांत होता है और सकारात्मक सोच विचार में वृद्धि होती है।
Image Source : India Tvशास्त्रों में ये भी लिखा है कि जिस व्यक्ति के गले में तुलसी की माला रहती है यदि वह मृत्यु को प्राप्त होता है तो उसे तुरंत मुक्ति मिल जाती है।
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