

यजीदियों का सबसे पवित्र और सबसे बड़ा मंदिर "लालेश" (Lalish) है, जो इराक के दुहोक प्रांत में स्थित है।
Image Source : freepikलालेश मंदिर एक घाटी में स्थित है और चारों ओर पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
Image Source : freepikलालेश मंदिर को यजीदी धर्म का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है।
Image Source : apयह मंदिर सफेद पत्थरों से बना हुआ शांतिपूर्ण और दिव्य स्थान है।
Image Source : freepikहर यजीदी को जीवन में कम से कम एक बार लालेश की तीर्थयात्रा करनी जरूरी मानी जाती है।
Image Source : apमंदिर में कई पवित्र स्थल हैं जहां तेल के दीपक जलाए जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
Image Source : apयजीदी मानते हैं कि आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में प्रवेश करती है और अंत में मोक्ष पाती है। ये पुनर्जन्म में यकीन रखते हैं।
Image Source : apयजीदियों का विश्वास है कि ईश्वर ने सृष्टि की रचना के बाद पहला प्रकाश यहीं भेजा था और यहीं पर यजीदियों के देवता "मलाक ताउस" (मोर देवता) ने अपना पहला कदम रखा था।
Image Source : apलालेश मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यजीदी पहचान और अस्तित्व का प्रतीक भी है।
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