बिहार में एक बार फिर पुल के धंसने की खबर सामने आई है। खबर बेतिया जिले मझौलिया प्रखंड के लालसरैया की है, जहां गोडा पुल बखरिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा एवं पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया। पुल का लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर धनौती नदी में समा गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इस पुल के धंसने से आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों का सड़क संपर्क टूट गया है।
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प्रशासन की लापरवाही से धंसा पुल
ग्रामीणों के अनुसार अचान से धंसा पुल पिछले छह माह से जर्जर अवस्था में था। पुल के बीचों-बीच बड़ा सा गड्ढा बन गया था तथा रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से आवागमन कर रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन को इसकी सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने बताया कि धनौती नदी पर बने इस पुल का निर्माण लगभग 35 वर्ष पूर्व हुआ था। पुल की खराब स्थिति को लेकर दो माह पूर्व जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी। बावजूद इसके पुल के मरम्मत या जीर्णोद्धार की दिशा में कोई पहल नहीं की गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने लगाई गुहार
पुल ध्वस्त होने से आधा दर्जन पंचायतों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। साथ ही पश्चिमी चंपारण से पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी किसानों, छात्रों, मरीजों और सब्जी विक्रेताओं को हो रही है। मजबूरी में लोग पुल के किनारे नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था एवं नए पुल निर्माण की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु रूप से बहाल हो सके।
(बेतिया से सुमित कुमार की रिपोर्ट)