भोजपुर: बिहार के भोजपुर में 28 साल के भरत तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। इस बीच भरत तिवारी की मां का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने डीएसपी को फांसी देने की मांग की है।
मेरा बेटा अच्छा इंसान था: भरत की मां
भरत तिवारी की मां ने आशा देवी ने कहा, "मेरे बेटे को दो गोलियां मारी गईं। वह बहुत अच्छा इंसान था। वह समाज के लिए काम करता था और गरीबों का मसीहा था। उसे उसके समाज सेवा के काम की वजह से मारा गया। मैं इस आदेश के लिए DSP को ज़िम्मेदार मानती हूं और मांग करती हूं कि उन्हें फाँसी दी जाए। हमारी गुहार पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।"
भरत के भाई का भी सामने आया बयान
भरत के पुलिस एनकाउंटर पर उनके भाई चंदन तिवारी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, "हमें जांच से कोई मतलब नहीं है; जो भी इसमें शामिल है, उस पर आरोप तय होने चाहिए और उसे तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए। सब कुछ साफ दिख रहा है; जांच की कोई जरूरत नहीं है। सब कुछ वहीं है—लाइव दिख रहा है। जांच की क्या जरूरत है? इसमें शामिल सभी लोगों को जेल में डाल देना चाहिए। मांग बस इतनी थी कि एक नेता को अपने वादे पूरे करने चाहिए। हमने देखा कि लगभग सौ लोगों ने उसे (भरत भूषण तिवारी को) घेर रखा था। फिर, जब उसने अपना हथियार नीचे फेंक दिया—जिसे हम लाइव देख सकते थे—तो किसी ने उसके कंधे पर हाथ रखा और उससे बात की। हम उनकी बातें सुन सकते थे क्योंकि वे जोर से बोल रहे थे: 'भरत जी, हमें उम्मीद थी कि आप सरेंडर करेंगे।' वे बातों से उसे मना रहे थे, लेकिन उसे लगभग 20 मीटर दूर ले जाने के बाद, उन्होंने अचानक उसे जोर से धक्का दिया।"
पुलिसवालों पर हुई कार्रवाई
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। ADG सुधांशु कुमार ने कहा- "एनकाउंटर से पहले 16 जून को पुलिस वाले उससे (भरत भूषण तिवारी) बात करने गए वो उसे ठीक से हैंडल नहीं कर पाए। इस मामले में लापरवाही पर हमने एक SHO, 2 SI, एक ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।"
एक सवाल के जवाब में एडीजी ने बताया कि मामले की जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का फैसला किया गया है। मामले में 2 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।