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बिहार चुनावः डेहरी सीट पर किस पार्टी का दबदबा! इस वजह से कड़ा होगा मुकाबला, चुनावी आंकड़े दे रहे गवाही

डेहरी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं। इस साल होने वाले चुनाव में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।

डेहरी विधानसभा चुनाव 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV डेहरी विधानसभा चुनाव 2025

रोहतासः डेहरी विधानसभा सीट पर होने वाला विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि पिछली बार के चुनाव में बीजेपी और आरजेडी के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था और अंतिम राउंड की मतगणना में आरजेडी ने मामूली बढ़त बनाकर यह सीट गई थी। 2020 में आरजेडी के फते बहादुर सिंह ने बीजेपी के सत्यनारायण सिंह को महज 464 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को होगा और 14 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।

डेहरी विधानसभा के बारे में जानें

सोन नदी के किनारे बसा डेहरी विधानसभा रोहतास जिले के अंतगर्त आता है। डेहरी में मिल, घी इकाइयों और प्लास्टिक पाइप, बल्ब और जूते-चप्पल के छोटे पैमाने पर निर्माण सहित कई औद्योगिक कंपनियां हैं। यहां पर अनुसूचित जाति के मतदाता 16.91 प्रतिशत और मुस्लिम 10.6 प्रतिशत हैं। ग्रामीण मतदाताओं की संख्या लगभग 65.27 प्रतिशत है। शहरी मतदाता लगभग 34.73 प्रतिशत हैं।

डेहरी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास

डेहरी विधानसभा क्षेत्र 1951 में बनाया गया था। डेहरी सीट पर कांग्रेस पांच बार जीत दर्ज की है जबकि आरजेडी को चार बार सफलता मिली है। सोशलिस्ट पार्टी ने 1952 और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने 1957 में जीत दर्ज की थी। जनता दल और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो-दो बार जीत हासिल की है। 1985 में आखिरी बार कांग्रेस को जीत मिली थी। 

आरजेडी विधायक मोहम्मद इलियास हुसैन को एक मामले में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 2019 के उपचुनाव में जीत हासिल करके भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की थी। आरजेडी ने एक साल बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में मात्र 464 मतों के मामूली अंतर से यह सीट फिर से जीत ली। साल 2015, 2020 के चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार को यहां से जीत हासिल हुई थी। अक्टूबर  2005 के चुनाव में निर्दलीय प्रदीप ने जीत दर्ज की थी। जबकि फरवरी 2005 में आरजेडी को जीत मिली थी। साल 2000 में आरजेडी के मो. इलियास हुसैन जीते थे। 1995, 1990 में जनता दल के टिकट पर मो. इलियास हुसैन विधायक चुने गए थे। 1985 में कांग्रेस को जीत मिली थी। 

क्यों रोचक होगा मुकाबला

इस सीट पर आरजेडी लंबे समय से काबिज है। बीजेपी को पिछले चुनाव में मामूली वोटों से हार मिली थी। बीजेपी को इस बार मौका दिख रहा है। वहीं, इस बार प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी चुनाव लड़ेगी। वहीं कुछ निर्दलीय भी अपनी किस्मत अजमाएंगे।