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राहुल, तेजस्वी और अखिलेश की तिकड़ी, विपक्षी गठबंधन की मजबूती, बिहार चुनाव में क्या असर दिखाएगी

तेजस्वी को अपने परिवार को संभालना ही एक बड़ी चुनौती है। राहुल गांधी अपनी यात्रा में कांग्रेस की जमीन मजबूत कर विधानसभा में ज्यादा सीटें मांग सकते हैं।

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Image Source : PTI राहुल गांधी, तेजस्वी, अखिलेश

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने में अब ज्यादा वक्त बाकी नहीं रह गया है। एक बार फिर एनडीए और महागठबंधन के बीच दिलचस्प मुकाबला होनेवाला है। एनडीए में जहां बिहार में नीतीश कुमार एक बड़े चेहरे के तौर पर हैं. वहीं महागठबंधन का प्रमुख चेहरा तेजस्वी होंगे। नीतीश के साथ देश की राजनीति के दो धुरंधर नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चेहरा होगा जबकि तेजस्वी के साथ राहुल गांधी और अखिलेश का चेहरा होगा। बिहार की राजनीति में तेजस्वी, राहुल और अखिलेश की तिकड़ी कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान नजर आई जब तीनों नेता एक मंच पर नजर आए। राहुल गांधी की इस यात्रा में तेजस्वी की अहम भूमिका रही जबकि अखिलेश यादव ने भी इस यात्रा को अपना भरपूर समर्थन दिया।

राहुल की यात्रा से विपक्षी एकता मजबूत हुई?

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा को प्रदेश में कांग्रेस की खोई हुई जमीन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। राहुल की यह यात्रा 17 अगस्त को रोहतास जिले के सासाराम से शुरू हुई और 1 सितंबर को पटना में पैदल मार्च के साथ समाप्त हुई। यात्रा का उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विपक्षी एकता दिखाना और NDA सरकार व चुनाव आयोग पर दबाव बनाना भी था।  राहुल की इस यात्रा ने करीब 17 दिनों में 1,300 किमी से ज्यादा की दूरी तय की। यह यात्रा राज्य के 25 जिलों से होकर गुजरी। कांग्रेस की यात्रा ने कुल 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। 

लालू प्रसाद ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर सासाराम से रवाना किया और संविधान बचाने का संदेश दिया। तेजस्वी यादव ने इस यात्रा में राहुल गांधी का भरपूर साथ दिया। राहुल के साथ महागठबंधन के नेता खुली जीप में एकसाथ यात्रा करते दिखे, जिससे गठबंधन की मजबूती का संदेश गया। दीपंकर भट्टाचार्य, CPI(ML) महासचिव, विकसशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश साहनी भी इस यात्रा में साथ रहे। कांग्रेस महासिचव KC वेणुगोपाल ने इस यात्रा को बिहार के जनआंदोलनों का मील का पत्थर बताया। इस यात्रा से बिहार में महागठबंधन को मजबूती मिली है। 

तेजस्वी की बिहार अधिकार यात्रा

वहीं इस यात्रा के करीब 15 दिनों बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी एक यात्रा निकाली। 16 सितंबर से बिहार अधिकार यात्रा में तेजस्वी यादव निकले थे। यह यात्रा जहानाबाद से शुरू हुई थी। हालांकि इस यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट हुई जिसको लेकर विवाद हो गया। यह तस्वीर थी राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद संजय यादव की, जो यात्रा के वाहन में आगे की सीट पर बैठे हुए थे। इससे नाराज होकर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने सवाल उठा दिया कि यह जगह राजेडी प्रमुख की होती है, फिर संजय यादव यहां कैसे बैठ गए। इस तरह से तेजस्वी की यह यात्रा परिवार के अंदर के कलह को सामने ले आई।

कुल मिलाकर बिहार में लंबे समय से नीतीश सरकार को तेजस्वी से बड़ी चुनौती मिल सकती है। लेकिन तेजस्वी को अपने परिवार को संभालना ही एक बड़ी चुनौती है। राहुल गांधी ने अपनी यात्रा में कांग्रेस की जमीन मजबूत कर विधानसभा में ज्यादा सीटें मांग सकते हैं। वहीं अखिलेश की समाजवादी पार्टी बिहार में आधार टोटोलने का प्रयास कर रही है। महागठबंधन के अंदर सीटों का बंटवारा भी आसान नहीं रहने वाला है। फिर भी यात्राओं के जरिए इन नेताओं ने नीतीश के लिए चुनौती तो पेश कर ही दी है। अब देखना है कि बिहार की जनता क्या रिजल्ट देती है।