A
  1. Hindi News
  2. बिहार
  3. 'वोटिेग के दौरान अगर बुर्का चलेगा तो घूंघट भी चलेगा', जानिए ऐसा क्यों बोले नीतीश के मंत्री कृष्णानंद पासवान

'वोटिेग के दौरान अगर बुर्का चलेगा तो घूंघट भी चलेगा', जानिए ऐसा क्यों बोले नीतीश के मंत्री कृष्णानंद पासवान

जिस तरह चुनाव में बुर्का पहनने वाली महिलाओं को रियायत मिलती है, उसी तरह घूंघट वाली महिलाओं को भी छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर बुर्का चलेगा तो घूंघट भी चलेगा।

Krishnanand Paswan- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT कृष्णानंद पासवान, मंत्री, बिहार

मोतिहारी: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल काफी तेज हो चुकी है। चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। इस बी बिहार सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री मंत्री कृष्णानंद पासवान ने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि जिस तरह चुनाव में बुर्का पहनने वाली महिलाओं को रियायत मिलती है, उसी तरह घूंघट वाली महिलाओं को भी छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर बुर्का चलेगा तो घूंघट भी चलेगा।

जानें क्या बोले मंत्री महोदय?

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा हमारे प्रदेश अध्यक्ष और अन्य सीनियर नेता चुनाव आयुक्त के साथ मीटिंग में मौजूद थे। उन्होंने भी अपनी राय चुनाव आयोग के सामने रखी है। यह कहा गया है कि बुर्का की आड़ में गलत तरीके से वोटिंग हो जाती है इस लिए चेहरा मिलान करके वोटिंग कराई जाए। इस पर पत्रकार ने जब पूछा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो, इस पर कृष्णानंद पासवान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग इस बात को नहीं मनता है तो फिर अगर बुर्का चलेगा तो घूंघट भी चलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार मुस्लिम महिलाओं को भी वोट नरेंद्र मोदी के विकास की राजनीति को मिलेगा। 

यहां बताते चले कि कृष्णनंदन पासवान पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं । साथ ही बिहार सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री भी हैं। वे अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं।

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान आज शाम 4 बजे होने वाला है। राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। माना जा रहा है कि बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे। चुनाव की तारीखें छठ महापर्व के बाद रखी जा सकती हैं। क्योंकि चुनाव आयोग की टीम जब पटना में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियो से मिली थी तब उन्होंने अपनी ये मांग भी रखी थी कि छठ पूजा के बाद ही चुनाव की तारीखें रखी जाएं।

 

रिपोर्ट- अरविंद, मोतिहारी