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बिहार चुनाव 2025: मोकामा सीट पर बाहुबली नेता अनंत सिंह का खास प्रभाव, अभी पत्नी संभाल रही कुर्सी, जानिए सियासी समीकरण

मोकामा सीट पर 2022 में विधानसभा के उपचुनाव हुए थे। इस सीट से बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने आरजेडी से जीत दर्ज की थी। बाद में नीलम देवी ने आरजेडी को छोड़कर जेडीयू को अपना समर्थन दे दिया।

Mokama Assembly Constituency- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मोकामा विधानसभा क्षेत्र

Mokama Assembly Constituency: बिहार में विधानसभा नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पल-पल में यहां के समीकरण बदल रहे हैं। बिहार की वीआईपी सीटों की बात करें तो मोकामा विधानसभा क्षेत्र इनमें से एक है। बिहार के पटना जिले में स्थित मोकामा विधानसभा सीट सामान्य श्रेणी की एक महत्वपूर्ण सीट है, जो मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट पर 2022 में उपचुनाव हुआ था।

इस सीट पर बाहुबली अनंत सिंह का है प्रभाव

मोकामा सीट अपनी ऐतिहासिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ बाहुबलियों के प्रभाव के लिए जानी जाती है। बाहुबली नेता अनंत सिंह यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं। गंगा नदी के दक्षिण में बसे इस क्षेत्र में घोसवरी, मोकामा और पंडारक प्रखंड के कुछ गांव शामिल हैं। आगामी 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि जातीय समीकरण और बाहुबली प्रभाव इस क्षेत्र की राजनीति को आकार देते हैं।

सीट पर इन जातियों का है प्रभाव

मोकामा विधानसभा क्षेत्र ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं का मिश्रण है, जहां भूमिहार, यादव, और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मतदाता प्रमुख हैं। इसके अलावा, दलित और मुस्लिम मतदाताओं की भी उल्लेखनीय संख्या है। 

1951 में अस्तित्व में आई ये सीट 

इस सीट का इतिहास जातिगत वर्चस्व और बाहुबलियों के प्रभाव से भरा रहा है। 1951 में अस्तित्व में आई यह सीट शुरुआती दशकों में कांग्रेस का गढ़ रही है, लेकिन 1990 के दशक से बाहुबलियों का दबदबा बढ़ गया। स्थानीय मुद्दों जैसे बेरोजगारी, बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ बाहुबली प्रभाव इस सीट के चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं।

जानिए सीट का जातीय समीकरण 

मोकामा में भूमिहार मतदाता पारंपरिक रूप से प्रभावशाली रहे हैं। सियासी पंडित मानते हैं कि भूमिहार बीजेपी या जेडीयू के पक्ष में वोट कर सकते हैं। यादव मतदाता आरजेडी का मजबूत आधार हैं, जबकि दलित और मुस्लिम मतदाता दोनों गठबंधनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अनंत सिंह जैसे बाहुबलियों का प्रभाव अब भी इस सीट पर बना हुआ है। उनकी पत्नी नीलम देवी के जेडीयू के साथ होने से एनडीए को फायदा हो सकता है।

उपचुनाव में में जीतीं अनंत सिंह की पत्नी

मोकामा सीट पर 2022 में उपचुनाव हुआ था। अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने आरजेडी के टिकट से चुनाव लड़ा था और जीत भी दर्ज की थी। नीलम देवी ने बीजेपी की सोनम देवी को 16741 वोटों से हराया था। हालांकि, बाद में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने आरजेडी को छोड़ कर जेडीयू का दामन थाम लिया। अभी वह जेडीयू से विधायक हैं।

आरजेडी से विधायक बने बाहुबली नेता अनंत सिंह

2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बाहुबली नेता अनंत कुमार सिंह ने आरजेडी से जीत दर्ज की थी। अनंत सिंह ने जेडीयू के उम्मीदवार राजीव लोचन नारायण सिंह को 35,757 वोटों से हराया था। अनंत सिंह को 78,721 वोटो मिले थे। जेडीयू के नेता को 42,964 वोट मिले थे।

2015 में निर्दलीय चुनाव जीते अनंत सिंह

इस सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प हुआ था। बाहुबली नेता अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। अनंत कुमार सिंह निर्दलीय चुनाव लड़कर 54,005 वोट हासिल किए थे। इन्होंने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराया था।