बिहार की बेतिया विधानसभा सीट पर बीजेपी की रेणु देवी ने शानदार जीत हासिल की है। उन्हें कुल 91907 वोट मिले। उन्होंने 22373 वोट से जीत हासिल की। वहीं, कांग्रेस के वासी अहमद दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 69534 वोट मिले। जन सुराज के अनिल कुमार सिंह चौथे नंबर पर रहे। उनके खाते में सिर्फ 6297 वोट गए। बेतिया में मतदान दूसरे चरण में 11 नवंबर को हुआ था और वोटों की गिनती 14 नवंबर को हुई।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा की रेणु देवी और कांग्रेस के वासी अहमद के बीच रहा। वहीं, जनसुराज के टिकट से अनिल कुमार सिंह भी चुनाव मैदान में थे। साल 2015 में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और उसके बाद बेतिया का किला भाजपा ने फतह किया था। इस बार बीजेपी अपना किला बचाए रखने में सफल रही है।
रेणु देवी ने पांचवीं बार दर्ज की जीत
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी इस सीट से पांचवीं बार चुनाव जीती हैं। वह बिहार की उपमुख्यमंत्री भी बन चुकी हैं। रेणु देवी बेतिया में महिला मतदाताओं और संगठित भाजपा कैडर के कारण मजबूत नेता मानी जाती है। कांग्रेस की ने इस सीट पर कई बार जीत दर्ज की है और हाल के वर्षों में इस सीट पर भाजपा का प्रभाव और भी बढ़ा है। साल 2000 से ही बेतिया में बीजेपी के टिकट पर जीतती आ रहीं रेणु देवी 2015 में कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी से हार गई थीं। 2020 के चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर से रेनू देवी पर ही भरोसा जताया और उन्हें टिकट दिया था और रेणु देवी ने जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस प्रत्याशी ने बताया अपना एजेंडा
बेतिया सीट से कांग्रेस प्रत्याशी वसी अहमद ने कहा था कि उनका मुख्य उद्देश्य राजनीति में सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा है। उन्होंने बेतिया के विकास को अपना एजेंडा बताते हुए कहा था कि जनता विकास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा चाहती है। उन्होंने इस चुनाव को 'विकास बनाम उपेक्षा' का बताया, आरोप लगाया कि वर्षों से इस क्षेत्र की अनदेखी हुई है। हालांकि, जनता उनके मुद्दों से नहीं जुड़ी और वह बड़े अंतर से हार गए।
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