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चिराग के चाचा पशुपति ने किया वक्फ बिल का विरोध, कहा- 'जो इसका समर्थन करेगा उसकी पार्टी टूटेगी'

पशुपति पारस ने कहा कि वक्फ बिल का सदन से पास होना, देश के लोगों के साथ अन्याय है। अब जो भी अकलियत के साथी हैं, वो एनडीए गठबंधन में नहीं रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बिल को सपोर्ट करने वाला हर दल टूटेगा।

Pashupati paras- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पशुपति पारस

वफ्फ बिल सदन से पास होने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बिल का विरोध करते हुए बड़ा बयान दिया है। वफ्फ बिल का विरोध करते हुए पारस ने कहा कि जो अकलियत के साथी हैं, वह हमारे देश भारत हिंदुस्तान के हैं, उनके साथ अन्याय हुआ है। पशुपति पारस ने कहा कि भारत एक बगीचा है, जिसमें सभी प्रकार के फूल खिलते हैं, जिसमें सभी धर्म के लोग हैं। हिंदू हैं, मुसलमान हैं, सिख हैं, ईसाई हैं और सब का अपना मौलिक अधिकार है।

पशुपति पारस ने कहा कि भारत के बगीचे में सभी का फूल खिलना चाहिए। किसी का फूल मुरझाना नहीं चाहिए। जिस तरीके से लोकसभा में बिल आया है और राज्यसभा में भी बिल पास हुआ है, मैं इसका विरोध करता हूं। हमारी पार्टी इसका खुलकर विरोध करती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिल पास होने के बाद जो भी स्वाभिमानी व्यक्ति होगा वह एनडीए गठबंधन में नहीं रहेगा, चाहे वह वह भाजपा में हो या जदयू में हो।

बिल को सपोर्ट करने वाले दल टूटेंगे

बिहार के भी राजनीतिक दलों के बिल का सपोर्ट करने पर पशुपति पारस ने कहा कि जदयू में टूट हो रही है। लोजपा रामविलास में भी होगी और इस बिल को सपोर्ट करने वाली सभी राजनीतिक पार्टियां टूटेंगी। इस बिल का असर 100 फीसदी होगा और इन लोगों को देश की जनता सबक सिखाएगी। 

चिराग को लेकर क्या बोले?

चिराग पासवान पर चाचा पशुपति पारस ने कहा कि बिल का सपोर्ट करके चिराग पासवान ने अपने पिता की इच्छा के विरोध में काम किया है, जो अपने पिता को भगवान मानता है वह अपने पिता की इच्छा के विरोध में लोकसभा में बिल का सपोर्ट किया है। रामविलास पासवान अकलियत के हिमायती थे। हाजीपुर के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस लंबे समय बाद शुक्रवार देर रात हाजीपुर के सर्किट हाउस पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पारिवारिक विवाद और वफ्फ बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है।

(हाजीपुर से राजाबाबू की रिपोर्ट)