बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता मिली है। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी करने वाले दूसरे राज्य के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को बांका से ग्रिफ्तार किया है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने साइबर ठगी का किया पर्दाफाश
प्रिंस ने 9 राज्यों से 14 लोगों से साइबर ठगी की राशि अपने बैंक खाते में मंगाई थी। उसके खाते में साइबर फ्रॉड से मंगाए गए 2 लाख 64 हजार रुपये होल्ड कर दिए हैं। इस मामले में अब तक कुल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर 14 और 15 जुलाई को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से फोन किया। जिसमें वादिनी रागिनी देवी को खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताते हुए डराया-धमकाया और डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर उनसे कुल 3,47,999 रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में साइबर थाना कांड सं० 140/26 दर्ज किया गया था।
यूपी से जुड़े हैं साइबर ठगों के तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष (साइबर थाना) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की गई। विशेष टीम ने तकनीकी जांच और बैंकों के म्यूल अकाउंट्स की जांच बाद इस रैकेट का पर्दाफाश किया। जांच में गिरोह का सुराग यूपी के देवरिया में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद देवरिया के बरियारपुर में छापेमारी कर दीपू कुशवाहा को बीते दिनों गिरफ्तार किया गया था। अब बांका से प्रिंस कुमार के बैंक खाते में रुपये भेजे जाने के सबूत मिले और छापेमारी कर प्रिंस को दबोचा गया।
9 राज्यों में साइबर ठग प्रिंस के खिलाफ दर्द हैं मामले
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रिंस के खाते पर देश के 9 अलग-अलग राज्यों से कुल 14 साइबर शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं, जो इसके बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं। पुलिस की कार्रवाई के चलते पीड़िता के खाते से ठगी गई कुल राशि 3,47,999 रुपये में से 2,64,748 रुपये को फ्रीज करा दिया गया है। इस राशि को वापस वादिनी के खाते में ट्रांसफर कराने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। पुलिस टीम इस गिरोह में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
इनपुट: संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर