बिहार के खगड़िया के गोगरी जमालपुर में बने करोड़ों रुपये के आलीशान मकान में रहने वाले फर्जी आईएएस अधिकारी मनीष गुप्ता को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, इस मामले की जांच के लिए खगड़िया एसपी ने SIT का गठन किया है। कभी इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी तो कभी आईएएस अधिकारी बनकर करोड़ों रुपये की ठगी करने और अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले मनीष गुप्ता की सच्चाई जैसे-जैसे लोगों के सामने आ रही है, हर कोई हैरान है।
दोस्त को नहीं हो रहा विश्वास
मनीष गुप्ता के साथ पढ़ने वाले उसके एक दोस्त को तो अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उसका दोस्त असली IAS अधिकारी नहीं है। करीब पांच साल पहले जब उसे पता चला कि उसका दोस्त आईएएस बनकर खगड़िया स्थित अपने आलीशान घर पहुंचा है, तो वह अपने बेटे को नौकरी दिलाने के लिए उसके घर गया था। बताया जा रहा है कि मनीष गुप्ता ने उसे नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया था।
घर है बेहद आलीशान
बताया जाता है कि गोगरी जमालपुर बाजार में स्थित इस आलीशान घर में 50 से अधिक CCTV कैमरे लगे हुए हैं। यहां तीन फेज का बिजली कनेक्शन है, जिसका लोड 15 किलोवाट है। यह लोड आम घरों की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले करीब 10 वर्षों से इस मकान में अंदरूनी निर्माण और सजावट का काम चल रहा है। बिहार ही नहीं, बल्कि सिलीगुड़ी और दूसरे राज्यों से भी मजदूर इस घर में काम करने आते रहे हैं।
घर की सजावट पर हुआ है करोड़ों खर्च
घर की नक्काशी और सजावट पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज भी यहां मजदूर काम कर रहे हैं। इस आलीशान भवन के पीछे कैंपस में एक बड़ा झरना और बगीचा भी बनाया गया है।
टेस्ला कार का है मालिक
गोगरी थाना परिसर में खड़ी टेस्ला कंपनी की गाड़ी को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुट रही है। बताया जा रहा है कि करीब एक करोड़ रुपये की यह गाड़ी भारत में चुनिंदा लोगों के पास ही है। इस गाड़ी पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ है, जिसने लोगों की हैरानी और बढ़ा दी है।
पुलिस जांच में जुटी है
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घर के अंदर जाने के बाद मनीष गुप्ता जल्दी बाहर नहीं निकलता था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अकेले इस आलीशान मकान में रहने वाले मनीष गुप्ता ने इतनी अकूत संपत्ति कैसे अर्जित की? उसके लिंक किन-किन लोगों और जगहों से जुड़े हैं? फिलहाल पुलिस बैंक खातों की डिटेल से लेकर अन्य दस्तावेजों की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि फर्जी IAS अधिकारी बनकर मनीष गुप्ता ने किन लोगों के साथ, कहां-कहां और कितने रुपये की ठगी की।
खगड़िया से आशीष कुमार की रिपोर्ट
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