1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बेटी को परीक्षा दिलाने निकले थे पिता, रास्ते में उठानी पड़ी उसी की अर्थी, बच्ची की मौत के दर्द में परिवार

बेटी को परीक्षा दिलाने निकले थे पिता, रास्ते में उठानी पड़ी उसी की अर्थी, बच्ची की मौत के दर्द में परिवार

बीए पार्ट 4 की छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा देने जा रही थी तभी तेज रफ्तार कंटेनर ने पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में छात्रा की मौके पर मौत हो गई और पिता बुरी तरह घायल हो गए। किसने सोचा था कि एक पिता को अपनी ही बेटी की अर्थी को कंधा देना पड़ेगा।

चकिया थाना, बिहार- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT चकिया थाना, बिहार

मंगलवार को बिहार के मोतिहारी के चकिया में इमादपट्टी गांव के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे BA पार्ट 4 की 23 साल की छात्रा की मौत हो गई और उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्रा, जिसकी पहचान सुरजी कुमारी के तौर पर हुई है। मुजफ्फरपुर-मोतिहारी नेशनल हाईवे पर उस समय हादसे का शिकार हुई, जब वह मोतिहारी के पंडित उगम पांडे कॉलेज में अपनी परीक्षा देने जा रही थी। एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए घर से निकला था और उसके मन में बेटी के उज्ज्वल भविष्य के सपने थे, लेकिन किस्मत ने एक दुखद मोड़ लिया और उसे अपनी बेटी की अर्थी उठानी पड़ी, जिससे परिवार गहरे सदमे और दुख में डूब गया।

परीक्षा देने गई छात्रा की रास्ते में हुई मौत

पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार राजेपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले रानीपट्टी गांव की रहने वाली और रामइकबाल भगत की बेटी सुरजी कुमारी अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल से घर से निकली थी। उसे मोतिहारी में BA साइकोलॉजी (पार्ट 4) की परीक्षा देनी थी, जब वे हाईवे पर जा रहे थे तो पीछे से आ रहे एक कंटेनर ट्रक ने ओवरटेक करने की कोशिश की और उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगने से रामइकबाल भगत सड़क पर गिर गए, जबकि सुरजी कंटेनर के नीचे आ गईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में पिता हुए घायल

सुरजी कुमारी के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए NHAI की एम्बुलेंस से चकिया सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गया। इस खबर से हर कोई दुखी है, क्योंकि किसी भी पिता के लिए अपनी बेटी की अर्थी को कंधा देना जिंदगी का सबसे बड़ा दुख होता है। 

ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया

जानलेवा हादसे की खबर तेजी से फैली और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। छात्रा की मौत से नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ का ट्रैफिक रुक गया। खबर है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कंटेनर ट्रक को नुकसान भी पहुंचाया। यह जाम लगभग दो घंटे तक चला, जिससे सड़क के दोनों ओर बसों, निजी गाड़ियों और माल ढोने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

मौके पर पहुंची पुलिस

सूचना मिलने पर चकिया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों ने पहले तो नाराज भीड़ को सड़क खाली करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग की। स्टेशन हाउस ऑफिसर और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के दखल और ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। बाद में हाईवे पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया।

घर की छोटी बेटी की मौत से पसरा मातम

पुलिस ने घटनास्थल से कंटेनर ट्रक और क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। कानूनी प्रक्रियाओं के लिए मृत छात्रा के शव को कब्जे में ले लिया गया, जबकि अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी है। ग्रामीणों ने सुरजी कुमारी को एक होनहार और लगनशील छात्रा बताया। वह चार बहनों में सबसे छोटी थी और उसकी मौत से रानीपट्टी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह हादसा तब हुआ, जब वह अपने पिता के साथ एक जरूरी परीक्षा देने जा रही थी। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

(INPUT: अरविन्द कुमार)

ये भी पढ़ें - बेटी की मौत के बाद सदमे में था पिता, दो बेटों संग ट्रेन के आगे कूदकर दी जान