कॉकरोच से लेकर शीशमहल तक, कटिहार के इन 6 पंडालों का अंदाज है सबसे जुदा, तस्वीरें देख रह जाएंगे दंग
सीमांचल में कटिहार की दुर्गा पूजा हमेशा से मशहूर रही है। इस बार भी कटिहार के पंडाल अपनी अनोखी थीम के कारण लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

बंगाल से सटे बिहार के कटिहार में दुर्गा पूजा का नजारा हर साल कुछ ऐसा होता है कि आस्था के साथ कला और खूबसूरती का संगम देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है।यहां के भव्य पंडालों को देखने के लिए कोसी क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं कटिहार की दुर्गा पूजा को अलग पहचान देती है। यही वजह है कि इसे मिनी कोलकाता भी कहा जाता है। इस बार भी कटिहार के पंडाल अपनी अनोखी थीम के कारण लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। कहीं कॉकरोच की विशाल आकृतियां लोगों को हैरान कर रही हैं तो कहीं शीशमहल की चमक आंखों को चकाचौंध कर रही है। कोई पंडाल इटली के वेटिकन सिटी की स्थापत्य शैली की झलक दिखा रहा है, तो कहीं प्लास्टिक की बोतलों से कलाकारी का नमूना पेश किया गया है। आइए जानते हैं कटिहार के छह ऐसे पंडालों के बारे में जो इस बार दुर्गा पूजा के आकर्षण को खास बना रहे हैं।
Image Source : INDIA TVकॉकरोच पंडाल मूर्ति
विनोदपुर में कॉकरोच वाला पंडाल, तिलचट्टे बने आकर्षण
देशभर में चर्चा के बीच कटिहार के विनोदपुर में विनोदपुर पूजा समिति की ओर से कॉकरोच थीम पर आधारित पंडाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर घर में कॉकरोच दिखते ही लोग उसे भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहां विशालकाय कॉकरोच की आकृतियां लोगों को रुककर देखने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए आकर्षित कर रही हैं। हर तरफ कॉकरोच, मकड़ी के जाल जैसी सजावट के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। वर्ष 1935 से दुर्गा पूजा आयोजित कर रही समिति ने इस बार पारंपरिक थीम से हटकर अनोखी कल्पना को जगह दी है। समिति के अध्यक्ष नवीन कुमार मेघानी अनुसार इस थीम का मकसद मनोरंजन है, इसका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से संबंध नहीं है।
Image Source : INDIA TVशीश महल
सन ऑफ इंडिया क्लब का शीशमहल, हर तरफ चमक
कटिहार के बंगाली बाहुल्य दो नंबर कॉलोनी स्थित सन ऑफ इंडिया क्लब का पंडाल काल्पनिक शीशमहल की थीम पर आधारित है। शीशों की सजावट और रोशनी के प्रभाव से पंडाल को खास रूप दिया गया है। इसकी खूबसूरती श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। वर्ष 1962 में स्थापित यह क्लब लंबे समय से दुर्गा पूजा के लिए जाना जाता है। इस बार शीशमहल की कल्पना ने इसके आकर्षण को नया रंग दिया है।
Image Source : INDIA TVवेटिकन सिटी
एलडब्ल्यूसी क्लब में वेटिकन सिटी की भव्यता
एलडब्ल्यूसी क्लब का पंडाल इटली स्थित वेटिकन सिटी की झलक देखने को मिलती है। इसकी खास बनावट विदेशी वास्तुकला की झलक पेश करती है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को एक अलग तरह की कलात्मक संरचना देखने का अवसर मिलता है। पंडाल की थीम कटिहार की दुर्गा पूजा में अंतरराष्ट्रीय स्थापत्य कला का रंग जोड़ती है।
लीडर क्लब का पंडाल, पांच हजार प्लास्टिक बोतलों से कलाकारी
पानी टंकी चौक स्थित लीडर क्लब ने करीब पांच हजार प्लास्टिक की डिस्पोजेबल बोतलों से काल्पनिक मंदिर की थीम पर पंडाल बनाया है। आमतौर पर कचरा समझकर फेंक दी जाने वाली बोतलों का इस तरह इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। रंग-बिरंगी बोतलों से तैयार यह संरचना दिखाती है कि रचनात्मक सोच से बेकार समझी जाने वाली चीजों को भी आकर्षक रूप दिया जा सकता है।
संग्राम संघ का बंगाली स्वास्तिक थीम वाला पंडाल
संग्राम चौक के समीप संग्राम संघ का पंडाल बंगाली स्वास्तिक थीम पर आधारित है। इस थीम में बंगाली धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान की झलक मिलती है। कटिहार का बंगाल से गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है और दुर्गा पूजा में इसका रंग साफ दिखाई देता है। संग्राम संघ का पंडाल इसी परंपरा को अपनी सजावट के माध्यम से सामने रखता है।
Image Source : INDIA TVबौद्ध मंदिर ( यज्ञशाला)
श्री यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति का बौद्ध मंदिर वाला पंडाल
श्री यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति का पंडाल म्यांमार की बौद्ध स्थापत्य शैली से प्रेरित है। इसकी थीम में श्वेदागोन पगोडा और बौद्ध स्तूप जैसी संरचनाओं की झलक देखने को मिलती है। यह पंडाल पारंपरिक दुर्गा पूजा की सजावट से अलग स्थापत्य कला का अनुभव कराता है। मां दुर्गा की आराधना के साथ विदेशी वास्तुशैली की झलक इसे खास बनाती है।
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