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कैमूर: अचानक हिलने लगा स्कूल का कमरा, शिक्षकों से लेकर बीडीओ तक हैरान, जेई को दिए जांच के निर्देश

एक शिक्षक ने बताया कि जब वह स्कूल पहुंचे तब कमरा नहीं हिल रहा था, लेकिन पांच मिनट बाद कमरा हिलने लगा। इसके बाद बच्चों को वहां से बाहर निकाला गया। अब इसकी जांच के लिए जेई को बुलाया गया है।

School- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV स्कूल के बाहर जुटे लोग

बिहार के कैमूर एक स्कूल का डोलता कमरा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस स्कूल की इमारत दो मंजिला है, जिसका एक कमरा हिल रहा है। खास बात यह है कि इसी इमारत के बाकी कमरे सामान्य हैं, लेकिन एक कमरा हिल रहा है। इस हिलते कमरे को देखकर शिक्षक से लेकर बीडीओ तक सभी हैरान हैं। फिलहाल इस कमरे से बच्चों की कक्षाएं हटा दी गई हैं और स्कूल के बाकी कमरों में पढ़ाई हो रही है। जेई को इस कमरे की जांच करने के लिए कहा गया है।

मामला रामपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अहिरांव का है। यहां दो मंजिला स्कूल भवन में बैठकर बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी एक कमरा हिलने लगा। बच्चों के पढ़ाई के दौरान कमरा हिलने-डोलने की खबर शिक्षकों को मिलीं। यह घटना रुक-रुक कर दो चार बार हुई। इसके बाद इस बात कि खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते ग्रामीणों के अलावा अन्य गांव के लोग वहां पहुंच गए। 

सिर्फ एक ही कमरे में हो रही हलचल

एचएम आलोक पाण्डेय ने बताया जब मैं विद्यालय पर गया तो ग्रामीणों ने बताया कि तीन चार दिन से उक्त भवन हिल डोल रहा है। ग्रामीणों को इसकी जानकारी तब हुई, जब वह कभी कभार बैठने के लिए दिन में स्कूल आए थे। खास बात यह है कि कमरा हिलने की घटना भवन के एक भाग में हो रही है। इस स्थिति में बच्चों को दूसरे कमरे में बैठा कर पठन पाठन कराया गया। जब तक जांच कर के रिपोर्ट नहीं मिल जाती है, तब तक बच्चों को दूसरे भवन के कमरे में पढ़ाया जाएगा।

दूसरे कमरे में होगी पढ़ाई

शिक्षक सुद्रिक पाल ने बताया "जब मैं यहां आया तो उस समय कमरा नहीं हिल डोल रहा था। करीब पांच मिनट के बाद दोबारा कमरा हिलने-डोलने लगा। तब मैं समझा कि कमरा डोल रहा है। इस बात की जानकारी मिलते ही बीडीओ दृष्टि पाठक मौके पर पहुंचे। इन्होंने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा तो शिक्षकों और ग्रामीणों ने इस घटना के बारे में बताया गया। शिक्षकों व बच्चों की सुरक्षा को लेकर इस भवन से हटा कर दूसरे कमरे में पढ़ाने का निर्देश शिक्षकों को दिया गया है। इसकी जांच करने के लिए विभागीय जेई को दूरसंचार के माध्यम से निर्देश दिया गया है। जब तक जांच नहीं हो जाती है तब तक बच्चों का पठन-पाठन दूसरे भवन के कमरे में होगा। 

(कैमूर से मुकुल जायसवाल की रिपोर्ट)