बिहार के बक्सर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इटाढ़ी थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में सरपंच की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं, सरपंच के दो बेटे भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला।
डेढ़ बीघा जमीन को लेकर विवाद
यह पूरा मामला जमीनी विवाद का है, जहां इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा पंचायत के चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन के विवाद ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया। धान की रोपनी के दौरान हुए विवाद में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह उम्र 55 वर्ष की कथित रूप से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। जबकि मृतक सरंपच के दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घटना के बाद सड़क जाम
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं एनकाउंटर करने की मांग करने लगे। सड़क जाम के कारण बक्सर चौक के मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मामले की सूचना मिलते ही सदर एसडीओ अविनाश कुमार एवं सदर एसडीपीओ गौरव पांडे दलबल के साथ बक्सर के सदर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने समझा-बुझाकर जाम को खत्म कराया।
खेत में पहुंचते ही हुआ हमला
प्राप्त सूत्रों के अनुसार चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन को लेकर सरपंच सुभाष सिंह और उनके पाटीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार दोपहर सुभाष सिंह ट्रैक्टर लेकर खेत में धान की रोपनी करने पहुंचे थे। तभी पहले से मौजूद लोगों ने उन पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया।
पिता पर हमले की सूचना मिलने के बाद उनके पुत्र अखिलेश सिंह और विंटेज सिंह मौके पर पहुंचे। लेकिन वह भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। सरपंच सुभाष सिंह को बक्सर के सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
बक्सर से गिरीश शंकर की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें: क्या RJD के सांसद भी टूटेंगे? अभय कुशवाहा ने की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात, सियासी अटकलें तेज