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Video: अस्पताल में अंधविश्वास का खेल, मोबाइल से मंत्र पढ़कर ओझा ने की झाड़फूंक, फिर डॉक्टरों ने किया इलाज

मधेपुरा सदर अस्पताल में ओझा ने मोबाइल से झाड़फूंक कर महिला का इलाज किया। उसने पानी की बोतल पर मोबाइल रखकर मंत्र पढ़ा और इसे महिला को पिलाने को कहा। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज का इलाज किया।

Hospital Superstition- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अस्पताल में अंधविश्वास

बिहार के मधेपुरा में अस्पताल के अंदर महिला की झाड़फूंक का वीडियो सामने आया है। ओझा मोबाइल पर मंत्र पढ़ रहा था और पीड़िता के कान में फोन लगा हुआ था। इसके बाद पानी की बोतल पर मंत्र पढ़कर पीड़िता को पिलाया गया। जब वह शांत हो गई तो डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। घटना शनिवार को मधेपुरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हुई। यहां डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में मोबाइल फोन के जरिए एक महिला की झाड़फूंक की गई। यह नजारा देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। 

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह सदर प्रखंड के तुलसीबारी गांव की एक महिला को तबीयत बिगड़ने पर परिजन मधेपुरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। भर्ती के बाद महिला लगातार चिल्ला रही थी। परिजन उसे संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई असर नहीं हो रहा था। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और अपने मोबाइल से किसी झाड़फूंक करने वाले ओझा को फोन मिलाया।

आधे घंटे तक चला ड्रामा

परिजनों ने महिला के कान के पास मोबाइल रख दिया और दूसरी तरफ से ओझा मंत्र पढ़ने लगा। करीब आधे घंटे तक यह नजारा अस्पताल में चलता रहा। झाड़फूंक करने वाले ने महिला को शांत करने के लिए कुछ मंत्र बोले, फिर परिजनों से कहा गया कि एक बोतल पानी लाया जाए। बोतल का ढक्कन खोलकर मोबाइल को उसके मुंह पर रखा गया और फिर से मंत्रोच्चार शुरू हुआ। ओझा के निर्देश पर वही पानी महिला को पिला दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल के वार्ड में मौजूद डॉक्टरों और नर्सों की आंखों के सामने हुआ, लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की। कुछ देर बाद महिला शांत हुई, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे स्लाइन चढ़ाया। 

चिकित्सा व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल

अस्पताल में आधे घंटे तक चली इस झाड़फूंक की ड्रामा ने चिकित्सा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के इलाज के बीच खुलेआम अंधविश्वास का ऐसा दृश्य सदर अस्पताल में हो रहा था। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि संबंधित कर्मियों से मामले की जानकारी ली जा रही है सदर अस्पताल में इस तरह झाड़फूक नहीं किया जा सकता है।

(मधेपुरा से मनीष कुमार की रिपोर्ट)

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