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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, नयी चीनी मिल लगाने वालों को एक रुपये में पट्टे पर मिलेगी 40 एकड़ तक जमीन

बिहार सरकार ने राज्य में नयी चीनी मिलों की स्थापना को बढ़ावा देने और गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026’ लागू की है।

बिहार में नयी चीनी मिल लगाने वालों को एक रुपये में पट्टे पर मिलेगी 40 एकड़ तक जमीन- India TV Hindi
Image Source : PTI AND MAGNIFIC बिहार में नयी चीनी मिल लगाने वालों को एक रुपये में पट्टे पर मिलेगी 40 एकड़ तक जमीन

बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 योजना के तहत चीनी और गन्ना आधारित उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए ऐतिहासिक नीति लागू की है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना करना, बंद पड़ी मिलों को दोबारा शुरू करना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। दरअसल बिहार सरकार ने 'बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026' लागू की है। इस नई नीति के तहत, बिहार में नई चीनी मिल या उससे जुड़े एथेनॉल प्लांट स्थापित करने वाले निवेशकों को सरकार महज 1 रुपये के टोकन लीज पर 40 एकड़ तक सरकारी जमीन उपलब्ध कराएगी। बिहार सरकार ने राज्य में नयी चीनी मिलों की स्थापना को बढ़ावा देने और गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से 'बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026' लागू की है। इसके तहत नयी चीनी मिल स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को गन्ना उद्योग विभाग और बिहार राज्य चीनी निगम की भूमि 30 वर्ष के पट्टे पर 40 एकड़ तक जमीन मात्र एक रुपये के सांकेतिक शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस नीति की जानकारी बृहस्पतिवार को गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने दी। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नयी चीनी मिल स्थापित करने के लिए भूमि खरीदने पर निवेशकों को निबंधन एवं स्टांप शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इसके अलावा, चीनी उत्पादन पर देय राज्य माल एवं सेवा कर की भी पांच वर्षों तक 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 

उन्होंने बताया कि 5,000 टन पेराई प्रति दिन क्षमता (टीसीडी) की नयी चीनी मिल स्थापित करने पर पांच वर्षों में अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, 3,500 टीसीडी क्षमता की नयी चीनी मिल के लिए अधिकतम 70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उनके मुताबिक, वर्तमान चीनी मिलें यदि अपनी क्षमता में कम से कम 1,000 टीसीडी की वृद्धि करती हैं तो उन्हें 15 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। इससे अधिक क्षमता विस्तार करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे।

(Input: PTI)