1. Hindi News
  2. बिहार
  3. दिव्यांग इम्तियाज, बोल नहीं सकती नाजमा... दोनों ने चुना उम्रभर का साथ, किया निकाह

दिव्यांग इम्तियाज, बोल नहीं सकती नाजमा... दोनों ने चुना उम्रभर का साथ, किया निकाह

इम्तियाज और नाजमा ने एक-दूसरे की परिस्थितियों और संघर्ष को समझते हुए शादी का फैसला किया। इम्तियाज ने जयपुर से मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेकर अपना कारोबार शुरू किया और आत्मनिर्भर बने। परिवारों की सहमति से दोनों का निकाह हुआ।

इम्तियाज और नाजमा- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT इम्तियाज और नाजमा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक अनोखा निकाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। औराई थाना क्षेत्र के मुकसुदपुर गांव में दिव्यांग मोहम्मद इम्तियाज और बोल नहीं पाने वाली नाजमा परवीन ने निकाह कर एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने का फैसला किया। दोनों ने यह संदेश दिया कि रिश्ते शारीरिक सीमाओं से नहीं, बल्कि आपसी समझ, सम्मान और भरोसे से मजबूत होते हैं।

चंडिहा गांव निवासी मोहम्मद इम्तियाज बचपन से ही शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। करीब चार-पांच वर्ष की उम्र में दिव्यांग होने के बाद उनके सामने जीवन में कई मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। आत्मनिर्भर बनने की कोशिश में वह राजस्थान के जयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद गांव लौटे और अपनी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान शुरू की। मेहनत और लगन से उन्होंने अपना कारोबार खड़ा किया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।

एक साथ जीवन बिताने का फैसला किया

आत्मनिर्भर होने के बाद इम्तियाज के सामने जीवनसाथी चुनने का सवाल आया। कई रिश्ते आने के बावजूद वह ऐसे साथी की तलाश में थे, जो उनकी परिस्थितियों और संघर्ष को समझ सके। इसी दौरान उनकी मुलाकात मुकसुदपुर निवासी नाजमा परवीन से हुई। नाजमा बोल नहीं सकती हैं, लेकिन दोनों के बीच बातचीत और आपसी समझ का ऐसा रिश्ता बना कि उन्होंने एक साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।

दोनों के परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार किया

दोनों की सहमति के बाद परिवारों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में निकाह की रस्म पूरी की गई। निकाह समारोह में थाना अध्यक्ष समेत समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए और नवदंपति को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान दोनों परिवारों के साथ ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

अपनी पत्नी से काफी उम्मीदें हैं: इम्तियाज

इम्तियाज का कहना है कि उन्होंने खुद दिव्यांग होने की पीड़ा को करीब से महसूस किया है। इसलिए वह नाजमा की भावनाओं और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए रिश्ते में सबसे महत्वपूर्ण आपसी विश्वास, समझ और एक-दूसरे का साथ निभाने का जज्बा है।

इम्तियाज ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी नाजमा से काफी उम्मीदें हैं। वह बोल नहीं सकतीं, लेकिन स्वस्थ हैं और उनकी भावनाओं और तकलीफ को समझ सकती हैं। इम्तियाज के मुताबिक, यही उनके लिए खुशी का सबसे बड़ा कारण है।

(रिपोर्ट- संजीव कुमार)

ये भी पढ़ें-

आज फिर आंधी-बारिश से मचेगा हाहाकार! दिल्ली-UP से लेकर बिहार और राजस्थान तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, IMD ने किया सावधान

झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन, कई अहम मंत्रालयों की थी जिम्मेदारी; JMM ने जताया शोक