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बिहार के गोपालगंज में सत्तर घाट पुल ढहा? नीतीश सरकार ने खबर को बताया झूठा

बिहार के गोपालगंज जिले में बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में छपरा-सत्तर घाट मुख्य पथ को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा ढह जाने की खबर को नीतीश सरकार के मंत्री ने झूठा बताया है।

Nitish Government on Sattarghat bridge collapse- India TV Hindi Image Source : ANI Nitish Government on Sattarghat bridge collapse

पटना: बिहार के गोपालगंज जिले में बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में छपरा-सत्तर घाट मुख्य पथ को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा ढह जाने की खबर को नीतीश सरकार के मंत्री ने झूठा बताया है। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग ने ट्वीट किया कि मीडिया में सत्तर घाट पुल के क्षतिग्रस्त होने की झूठी खबर चल रही है।

सत्तर घाट मुख्य पुल से लगभग दो किमी दूर गोपालगंज की ओर एक 18 मी लम्बाई के छोटे पुल का पहुँच पथ कट गया है। यह छोटा पुल गंडक नदी के बांध के अन्दर अवस्थित है। गंडक नदी में पानी का दबाव गोपालगंज की और ज़्यादा है । इस कारण पुल के पहुँच का सड़क का हिस्सा कट गया है।

आईपीआरडी ने ट्वीट किया, "यह अप्रत्याशित पानी के दबाब के कारण हुआ है। इस कटाव से छोटे पुल की संरचना को कोई नुक़सान नहीं हुआ है। मुख्य सत्तर घाट पुल जो 1.4 किमी लंबा है बह पूर्णतः सुरक्षित है। पानी का दबाव कम होते ही यातायात चालू कर दिया जाएगा।"

इस हादसे पर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि सत्तर घाट का पुल बिल्कुल सुरक्षित है। बांध के अंदर एक पुल है, जिसका सिर्फ अप्रोच रोड बह गया है। यह प्राकृतिक आपदा है। तेजस्वी यादव के आरोपों पर नंद किशोर यादव ने कहा कि मैं कभी साइकिल पर नहीं चला। स्कूटर से चलता था।

बता दें कि 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोपालगंज के इस पुल का उद्घाटन किया था। 15 जुलाई को यह पानी का ज्यादा दबाव नहीं झेल पाया और टूट गया। ये पुल गोपालगंज को चंपारण से और इसके साथ तिरहुत के कई जिलों को जोड़ता था। पुल टूटने की वजह से लालछापर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया का संपर्क टूट गया है।