बिहार के मुजफ्फरपुर में मुर्गी दाना कारोबारी चंदन कुमार के अपहरण का पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मुजफ्फरपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त अभियान में की गई।
खंडहरनुमा मकान में बंधक बनाया गया था
19 अगस्त को मिठनपुरा थाना क्षेत्र निवासी श्वेता कुमारी ने पुलिस को सूचना दी के अज्ञात अपराधियों ने उनके पति चंदन कुमार को अपहरण कर लिया है और 10 लाख रुपए की फिरौती की मांग कर रहे हैं। चंदन कुमार का अपहरण कर बदमाश उन्हें उत्तर प्रदेश के बलिया जिले ले गए थे। वहां उन्हें एक सुनसान और एक खंडहरनुमा मकान में बंधक बनाकर रखा गया था।
फिरौती नहीं मिलने पर दी हत्या करने की धमकी
अपराधियों ने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को व्यवसायी की पिटाई का दृश्य दिखाते हुए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती की रकम नहीं देने पर चंदन कुमार की हत्या करने की धमकी दी अपहृत के साथ मारपीट का दृश्य भी दिखाया जिसे परिजनों ने दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया।
8 घंटे के भीतर व्यापारी को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया
घटना की सूचना मिलते ही मिठनपुरा थाना में कांड 233/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर कारोबारी की लोकेशन ट्रेस की, जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र में मिली। इसके बाद मुजफ्फरपुर पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चंदन कुमार को महज 8 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। संयुक्त छापेमारी अभियान में घटना में संलिप्त चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना वाली जगह से एक वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
आगे की कार्रवाई कर रही है पुलिस
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि व्यवसायी की पत्नी श्वेता देवी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके पति का अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सारण निवासी सूरज कुमार उर्फ सूरज भान सिंह, रौशन कुमार, कानपुर निवासी, गौरव सिंह तथा समस्तीपुर निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सभी आरोपियों ने फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। उनका मकसद 10 लाख रुपये की रंगदारी वसूलना था। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।
मुजफ्फरपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट
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