A
  1. Hindi News
  2. बिहार
  3. कब से शुरू हो रहा है एशिया का सबसे बड़ा सोनपुर मेला? जानिए इस बार क्या होगा खास

कब से शुरू हो रहा है एशिया का सबसे बड़ा सोनपुर मेला? जानिए इस बार क्या होगा खास

Sonepur Mela 2025: सोनपुर मेला रविवार से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए सभी तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। मेले में इस बार भी कई सारी खास चीजें देखने को मिलेंगी।

सोनपुर मेले की फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : PTI सोनपुर मेले की फाइल फोटो

हाजीपुरः एशिया का सबसे बड़ा सोनपुर मेला 9 नवंबर से लगने जा रहा है। इसे मेले में धार्मिक, लोगों की आस्था, खरीददारी और मनोरंजन का संगम देखने को मिलेगा। मेले में शिविर और पांडाल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। मेला क्षेत्र में दुकानें और झूले लगाए जा रहे हैं। बिक्री के लिए सामान भी आ रहा है। इस बार सोनपुर मेले में अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का मॉडल तैयार किया जा रहा है। यही मेले का मुख्य आकर्षण भी होगा। 

जानकारी के मुताबिक, सोनपुर मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। यहां पर बिक्री के लिए बड़े पैमाने पर पशु भी लाए जाएंगे। मेले में घोड़े, हाथी और बैल समेत कई तरह के पशु भी यहां देखने को मिलेंगे। 

 मेले में क्या होगा खास

मेले में थियेटर, झूले, चर्खी और ऊनी वस्त्रों के स्टॉल लोगों को देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही लोग घुड़दौड़, हाट एयर बैलून शो और एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी मजा ले सकेंगे। मेले में निशानेबाजी और तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं भी देखने को मिलेंगी। मेले में आने वाले लोगों को रंगारंग प्रोग्राम भी देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही पुस्तक मेला, डॉग शो, भव्य गंगा आरती भी देखने को मिलेगी। वहीं,  सैंड आर्ट फेस्टिवल, सोनपुर लिटरेरी फेस्टिवल और सोलो सिंगिंग कंपीटीशन भी आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिया जाएगा।
सोनपुर मेले के बारे में 

सोनपुर मेले के बारे में जानें

हरिहरनाथ क्षेत्र सोनपुर मेले की पूरी अवधारणा भगवान हरिहरनाथ (विष्णु और शिव) की पूजा के इर्द-गिर्द शुरू हुई, जिसके लिए लोग सोनपुर आते थे। यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। सोनपुर पशु मेला नवंबर के महीने में कार्तिक पूर्णिमा (पूर्णिमा के दिन) पर बिहार के सोनपुर में गंगा और गंडक नदी के संगम पर आयोजित किया जाता है। हालांकि चुनाव की वजह से इस बार इसके समय को बढ़ाया गया है। यह मेला एक महीने तक चलता है। इसमें स्थानीय कलाकारों और पशु व्यापारियों के प्रदर्शन के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल भी हैं।