पटना: बिहार में भी जिन पात्र मतदाताओं के नाम एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट में नहीं आ पाए थे, उनके लिए नाम जुड़वाने की पहल चुनाव आयोग कर रहा है। बिहार में चुनाव आयोग 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराएगा। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इन लोगों का नाम जोड़ने पर विशेष जोर
इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के दौरान दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी), पात्र युवा मतदाताओं और मतदाता सूची में छूट गए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सीईओ के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस पुनरीक्षण के लिए एक जनवरी, 2027 अर्हता तिथि निर्धारित की गई है।
एसएससीएई की बैठक में समीक्षा
इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी माधव कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सुगम निर्वाचन संचालन समिति (एसएससीएई) की बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया में दिव्यांगजन की अधिक भागीदारी और मतदान के दिन उनके लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि निर्वाचन आयोग राज्य में 12 नवंबर से 11 दिसंबर, 2026 तक मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराएगा।
बयान में कहा गया, ''इस प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों, विशेष रूप से दिव्यांगजन, मतदाता सूची में छूट गए लोगों और पात्र युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए एक जनवरी, 2027 अर्हता तिथि निर्धारित की गई है।''
नाम शामिल कराने के लिए प्रपत्र-6
उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि पात्र दिव्यांगजन ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए प्रपत्र-6, नाम हटवाने के लिए प्रपत्र-7 और पता बदलवाने, मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार कराने, मतदाता पहचान पत्र बदलवाने तथा किसी मतदाता को दिव्यांग के रूप में दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बैठक में मतदाता सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए मतदाता सेवा पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1950, 'सक्षम' ऐप और 'ईसीआईनेट' ऐप पर उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक प्रियदर्शी, मनोज कुमार सिंह एवं रत्नांबर निलय और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक एनके अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद थे।