A
  1. Hindi News
  2. बिहार
  3. तेज प्रताप यादव किसे अपना गुरु मानते हैं? फोटो पोस्ट कर खुद बताया

तेज प्रताप यादव किसे अपना गुरु मानते हैं? फोटो पोस्ट कर खुद बताया

तेज प्रताप यादव ने बताया है कि वह किसे अपना गुरु मानते हैं। उन्होंने अपने गुरु की तस्वीर भी पोस्ट की है और उनके बारे में काफी जानकारी साझा की है।

Tej Pratap Yadav- India TV Hindi
Image Source : PTI/X-TEJ PRATAP YADAV तेज प्रताप यादव ने अपने गुरु की तस्वीर शेयर की

पटना: जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। अब तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके अपने गुरु के बारे में जानकारी दी है।

तेज प्रताप ने अपने गुरु के बारे में क्या बताया?

तेज प्रताप ने एक्स पर पोस्ट करके बताया, "ब्रजभूमि बरसाना के परम पूज्य संत श्री रमेश बाबाजी महाराज के श्रीचरणों में मेरा कोटि-कोटि प्रणाम। मैं नियमित रूप से उनके भजन और कथा सुनता हूं, जिनसे मेरे मन को अपार शांति और भक्ति की अनुभूति होती है। मान मंदिर की पावन पहाड़ियों पर निवास करने वाले बाबाजी महाराज अपना संपूर्ण जीवन श्री राधा-कृष्ण की सेवा, भक्ति और लीलाओं के प्रचार-प्रसार में समर्पित किए हुए हैं। मेरे पिता भी उनका अत्यंत सम्मान करते हैं, और मैं उन्हें अपना गुरु मानता हूं। ऐसे विरक्त संत बहुत दुर्लभ होते हैं, जो अपने जीवन से भक्तों को प्रेम, भक्ति और भगवान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। राधे-राधे।"

गौरतलब है कि तेज प्रताप कृष्ण भक्ति में अक्सर लीन दिखाई देते हैं और यूपी के मथुरा-वृंदावन की यात्रा करते हैं। तेज प्रताप के गुरु रमेश बाबा, बरसाना में ही रहते हैं। वहां एक भव्य मंदिर है, जहां लोक नृत्य का कार्यक्रम भी होता है। यहां सभी राधा जी की भक्ति में लीन रहते हैं।

बरसाना का मान मंदिर काफी प्रसिद्ध है और रमेश बाबा यहीं निवास भी करते हैं। रमेश बाबा लंबे समय से भगवान की भक्ति में लीन रहे हैं और उनके काफी फॉलोअर्स हैं। बृज में उनका नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है।

हालही में वृंदावन से शेयर किया था वीडियो

तेज प्रताप ने हालही में अपना वृंदावन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो में वह कृष्ण बने दिख रहे थे और उनके चारों ओर गोपियां नाच रही थीं। तेज प्रताप ने इस वीडियो को पोस्ट करके लिखा था, "वृंदावन के पावन धाम में स्थित वंशीवट वह दिव्य स्थान माना जाता है जहां भगवान श्रीकृष्ण अपनी मधुर बांसुरी बजाते थे। बांसुरी की मोहक धुन सुनकर गोपियां और भक्त उनकी ओर खिंचे चले आते थे। मान्यता है कि यहीं से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रेम, भक्ति और दिव्य आनंद का संदेश दिया। आज भी वंशीवट श्रद्धालुओं के लिए आस्था, प्रेम और कृष्ण-भक्ति का पवित्र प्रतीक है।"