पटना: जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है और उन्हें ये सलाह दी है कि किसी भी इंसान पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र और सामाजिक गरिमा को ध्यान में रखें।
क्या है पूरा मामला?
तेज प्रताप यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है।"
तेज प्रताप ने कहा, "हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है।"
तेज प्रताप ने सम्राट पर क्यों साधा निशाना?
दरअसल राबड़ी देवी के बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर हालही में सीएम सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया सामने आई थी। सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बेटा को अलग घर चाहिए, माता को अलग घर चाहिए।
उन्होंने कहा था, "जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कह देंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, मैं 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर वहां से चला जाऊंगा।"
सम्राट ने ये भी कहा, "मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया। आज जिस घर में मैं हूं ये मेरा 11वां घर है। इनमें से मैं सिर्फ 3 घरों में रहा, बाकी सभी में मैंने सिर्फ अपना कार्यालय चलाया। कुछ लोगों को मोह है कि बेटा को अलग घर चाहिए, माता को अलग घर चाहिए, पिताजी को अलग घर चाहिए और जनता को छोड़ दीजिए। हम जनता के काम के लिए आए हैं। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं पर समाप्त होता है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि सम्राट चौधरी 24 घंटे में अपना झोला उठाकर अपना प्राइवेट घर में चला जाएगा। हम जनता की भलाई के लिए आए हैं, हम अपने कल्याण के लिए नहीं आए हैं। जनता की भलाई की चिंता कीजिए, ये लोकतंत्र है।"