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पति को नींद की गोली खिलाकर गला दबाया, दोषी पत्नी को मिली उम्रकैद की सजा

रोहतास जिले में पति की हत्या की दोषी पत्नी को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। मामले में कथित प्रेमी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। हत्या का मामला चार साल पुराना है।

पति की हत्या के मामले में पत्नी को उम्रकैद- India TV Hindi
Image Source : MAGNIFIC पति की हत्या के मामले में पत्नी को उम्रकैद

बिहार के रोहतास जिले में पति की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने पति की हत्या की दोषी पाई गई पत्नी पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मामले में आरोपित महिला का कथित प्रेमी कमलेश कुमार को पर्याप्त सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया। फैसले के बाद मृतक अमन कुमार के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया और न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया।

नींद की गोली देकर पति की हत्या का आरोप 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 13 अक्टूबर 2022 का है। चेनारी थाना क्षेत्र के नरैना गांव में अमन कुमार की हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के पिता, नरैना गांव निवासी मुरली मनोहर सिंह ने चेनारी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि अमन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी ने कथित रूप से अपने प्रेमी कमलेश कुमार के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। आरोप के मुताबिक, पूनम ने पहले अपने पति को नींद की गोली देकर सुला दिया और इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद मामले की जांच शुरू हुई और पुलिस ने पाए गए सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। 

नौ गवाहों की हुई गवाही 

अपर लोक अभियोजक विद्यासागर राय ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों के बयान और न्यायालय के सामने पेश किए गए सबूतों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पूनम कुमारी को पति की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

कमलेश कुमार को मिली राहत

मामले में कमलेश कुमार पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, न्यायालय के सामने उसके खिलाफ आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया।

फैसले के बाद परिजनों ने जताया संतोष 

अदालत के फैसले के बाद अमन कुमार के परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिजनों के लिए करीब चार साल पुराने इस मामले में आया फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इनपुट: रंजन सिंह, रोहतास