1. Hindi News
  2. बिज़नेस
  3. 2जी के नीतिगत मसलों पर राजा की ही चली: सीबीआई

2जी के नीतिगत मसलों पर राजा की ही चली: सीबीआई

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज दिल्ली की विशेष सुनवाई अदालत में कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित नीतिगत मामलों में वास्तविक प्रभुत्व तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा का था और मामले

2जी के नीतिगत मसलों पर...- India TV Hindi
2जी के नीतिगत मसलों पर राजा की ही चली: सीबीआई

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज दिल्ली की विशेष सुनवाई अदालत में कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित नीतिगत मामलों में वास्तविक प्रभुत्व तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा का था और मामले में बचाव के दौरान उन्होंने इस तथ्य को स्वीकार भी किया था।

विशेष सरकारी वकील आनंद ग्रोवर ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में अंतिम बहस को जारी रखते हुए कहा कि नीतिगत मामलों में वास्तव में कैबिनेट मंत्री का प्रभुत्व था। इस मामले में राजा और 16 अन्य अभियुक्त हैं। ग्रोवर ने कैबिनेट सचिवालय द्वारा दूरसंचार विभाग को लिखे एक पत्र का उल्लेख करते हुए विशेष सीबीआई जज ओ पी सैनी के समक्ष कहा, मंत्री को नीतिगत मामलों में पूरा अधिकार दिया गया था। यह कहा गया था कि दूरसंचार विभाग मंत्री की मंजूरी से नीतिगत मामलों पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने राजा द्वारा अदालत में दिए उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ने स्वीकार किया था कि नीतिगत मामलों में उन्हें पूरा अधिकार दिया गया था।

ग्रोवर ने 1999 की नई दूरसंचार नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका मकसद मुख्य रूप से उपभोक्ता हित था। इससे पहले सीबीआई ने अदालत को बताया था कि नई दूरसंचार नीति 1999 के जरिये सरकार दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता बढ़ाना चाहती थी ताकि सेवाओं की दरें पहुंच में हो। इससे पहले सीबीआई ने आरोप लगाया था कि राजा ने अन्य लोगों के साथ साजिश कर के 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित नीतिगत मामलों में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुमराह किया था।