नई दिल्ली: व्हाट्सएप (Whatsapp) और वाइबर जैसे एप्स द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे घरेलू इंटरनेट कॉल सेवाओं के नियमन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि सरकार को ओवर द टॉप :ओटीटी: सेवा प्रदाताओं द्वारा पेश की जाने वाली सभी प्रकार की दूरसंचार सेवाओं पर नियमन की गुंजाइश का दायरा बढ़ाना चाहिए।
उद्योग मंडल एसोचैम की दूरसंचार परिषद के चेयरमैन टी वी रामचंद्रन ने पीटीआई भाषा से कहा कि एक तरफ ओटीटी संचार सेवा कंपनियों द्वारा घरेलू कॉल पर नियमन का समर्थन करना है तथा दूसरी तरफ इस प्रकार की कंपनियों द्वारा पेश की जाने वाली अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कालिंग तथा मैसेजिंग को छूट देना अतार्किक है।
जहां एक तरफ उद्योग तथा लोगों ने घरेलू इंटरनेट कॉल को नियमन किये जाने को उपभोक्ता विरोधी बताया है, वहीं एसोचैम ने इसका स्वागत किया है।
आईटी कंपनियों का शीर्ष निकाय नासकॉम ने कहा है कि इस प्रकार की सिफारिश में निगरानी अनुपालन से निजता का उल्लंघन होगा।
नासकॉम के अध्यक्ष तथा पूर्व दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा है कि इस पूरे मामले का मकसद यह है कि कैसे दूरसंचार कंपनियों की आय की सुरक्षा की जाए जो लक्ष्य नहीं होना चाहिए।
रामचंद्रन ने कहा कि इंटरनेट आधारित मैसेजिंग एप्लीकेशन का नियमन किया जाना चाहिए क्योंकि इससे दूरसंचार कंपनियों का एसएमएस कारोबार लगभग खत्म हो गया है और समान अवसर उपलब्ध कराना उच्च प्राथमिकता है।