1. Hindi News
  2. बिज़नेस
  3. संदेहास्पद कारोबार की निगरानी ने बढ़ाई BSE की चिंता, नई प्रणाली तैयार

संदेहास्पद कारोबार की निगरानी ने बढ़ाई BSE की चिंता, नई प्रणाली तैयार

नई दिल्ली: शेयर बाजार के जरिए देश में पैसा खपाकर मुनाफा वसूली करने वालों को थामने और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अब देश के बाजार ने भी कमर कर ली

संदेहास्पद कारोबार की...- India TV Hindi
संदेहास्पद कारोबार की निगरानी के लिए बीएसई ने पेश की नई प्रणाली

नई दिल्ली: शेयर बाजार के जरिए देश में पैसा खपाकर मुनाफा वसूली करने वालों को थामने और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अब देश के बाजार ने भी कमर कर ली है। कालेधन के बेजा इस्तेमाल को रोकने की सरकार की कवायद के मद्देनजर भी शेयर बाजार की सतर्कता काफी अहम है। आपको बता दें कि बीएसई ने अपने सदस्यों से कहा कि वे सरकार की वित्तीय आसूचना इकाई (FIU) को भेजी गई संदिग्ध कारोबार रिपोर्ट (STR) का ब्यौरा मासिक आधार पर सौंपें। गौरतलब है कि देश में दो बड़े बाजार बीएसई और एनएसई में भारी भरकम पैसा निवेश किया जाता है, जानकारी के मुताबिक अधिकांशत: बाहर से इन बाजारों में निवेश कर मोटी कमाई करने की कोशिश की जाती है।

 

अपने सदस्यों को जल्द से जल्द अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए शेयर बाजार ने एक परिपत्र में कहा कि कारोबारी सदस्य बीएसई इलेक्ट्रानिक फाइलिंग प्रणाली के विशिष्ट एफआईयू-एसटीआर माड्यूल के जरिए आंकड़ों को सौंपें।

सौंपे गए ब्योरे में बदलाव की स्थिति में सदस्यों को संबंधित जानकारी अपडेट करनी होगी।

बीएसई ने सदस्यों से 31 मार्च 2015 तक एफआईयू के पास आए एसटीआर की कुल संख्या बताने को भी कहा। इसके बाद सदस्य मासिक आधार पर एफआईयू को भेजे एसटीआर के बारे में जानकारी दें।

नियामक और वित्तीय खुफिया एजेंसियों ने हाल के महीनों में शेयर बाजार का दुरपयोग कर धन की संभावित लांड्रिंग किये जाने पर अपनी निगरानी बढ़ाई है। इसके जरिए कई कंपनियों पर कर चोरी का भी संदेह है।

सेबी अब तक 950 इकाइयों को इस तरह के कारोबार से रोक चुका है और आगे की कारवाई चल रही है।