नई दिल्ली: संपत्ति के बारे में परामर्श देने वाली जेएलएल इंडिया ने घर खरीदने वालों को राष्ट्रीय राजधानी में नोएडा एक्सटेंशन समेत कुछ जगहों को लेकर आगाह किया है। इसका कारण परियोजनाओं में देरी, मांग से ज्यादा आपूर्ति, सट्टेबाजी तथा बुनियादी ढांचा का अभाव है। जेएल इंडिया ने नोएडा एक्सटेंशन, ग्रेटर फरीदाबाद तथा दिल्ली के एल पश्चिम दिल्ली 3 और जे दक्षिण दिल्ली-2 क्षेत्रों को उच्च सतर्कता वाला क्षेत्र घोषित किया है।
जेएलएल इंडिया के सीईओ आपरेशंस एवं अंतरराष्ट्रीय निदेशक संतोष कुमार ने कहा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिससे बचने की सलाह दी जाती है। डिलीवरी में देरी, मांग से अधिक आपूर्ति, सट्टेबाजी तथा बुनियादी ढांचे में कमी जैसे कुछ मुद्दे हैं जिससे ये बाजार प्रभावित हैं। ऐसे में पहली बार मकान खरीदने वालों के लिए ये क्षेत्र उपयुक्त नहीं है।
ग्रेटर नोएडा का हिस्सा नोएडा एक्सटेंशन के बारे में कुमार ने कहा कि निवेश के गंतव्य के रूप में इस क्षेत्र को जो प्रमुख मुद्दा प्रभावित कर रहा है, वह आवास इकाइयों की अत्यधिक आपूर्ति है।
उन्होंने कहा, 1.5 से 2 लाख इकाइयां बाजार में आने वाली हैं। कीमतों में बहुत ज्यादा वद्धि की संभावना नहीं है। किसानों से संबद्ध जमीन अधिग्रहण के कई मामलों से पिछले कुछ साल से बाजार की स्थिति खराब है। देरी और कानूनी विवाद से किसानों को उनकी जमीन के लिए अत्यधिक मुआवजा देना पड़ रहा हैं। इससे भी कीमत पर असर पड़ा है।
कुमार ने कहा कि अत्यधिक आपूर्ति के बावजूद नोएडा एक्सटेंशन को लेकर जो पूर्व में आकर्षण था, ऐसा अब नहीं रह गया है। जेएलएल ने कहा कि भीड़-भाड़ बढ़ने से यह क्षेत्र कंक्रीट का जंगल बना देगा।