मुंबई: दवा विक्रेताओं के संगठन ने चेतावनी दी है कि इलेक्ट्रानिक प्रणाली यानी ऑनलाइन दवा बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है क्योंकि दवाओं की तुलना दूसरी सामान्य जिंसों से नहीं की जा सकती। प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक होने के साथ ई-वाणिज्य उद्योग ने ई-फार्मेसी के रूप में स्वास्थ्य खंड में कदम रखा है।
ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एआईओसीडी के अध्यक्ष जे एस शिंदे के हवाले से जारी एक बयान में कहा है कि ई-फार्मेसी भारत में जिस किसी भी तरीके से अथवा मॉडल में हो प्रचलन में आ गई है और यह गैर-कानूनी है तथा मौजूदा कानून इसके परिचालन की अनुमति नहीं देता।
बयान के अनुसार, इससे लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि दवाओं की तुलना किसी दूसरी सामान्य जिंसों से नहीं की जा सकती।
एआईओसीडी ने मांग की है कि औषधि महानियंत्रक को आनलाइन दवाओं की बिक्री रोकने के लिये तुरंत अधिसूचना जारी करनी चाहिए और ताकि संभावित नुकसान से लोगों को बचाया जा सके।