नई दिल्ली: सरकार ने आज चेताया कि अपनी विदेशी आय और संपत्तियों का खुलासा नहीं करने वाले व्यक्तियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसमें भारी भरकम जुर्माना व जेल की सजा जैसे प्रावधान हैं। सरकार ने कहा है कि 2017 से कर विभाग को विदेशों से इस तरह की सूचनाएं मिलने लगेंगी।
नए कालाधन कानून के नियमों पर पूछे गये सवालों (FAQ) का जवाब देते हुये वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यदि आगे किसी तारीख पर कर विभाग को अघोषित संपत्ति का पता चलता है, तो उसके उचित बाजार मूल्य पर 120 प्रतिशत कर और जुर्माने के साथ साथ जेल की सजा भी होगी।
मंत्रालय ने कहा है, भारत को अमेरिका से इसी साल बाद में एफएटीसीए के तहतत सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान (AEOI) के तहत सूचनाएं मिलने लगेंगी। इसके अलावा बहुपक्षीय व्यवस्था के तहत भारत को एईओआई मार्ग से 2017 से सूचनाएं मिलने लगेंगी। 18 मार्च तक भारत सहित 58 अधिकार क्षेत्रों ने एईओआई के तहत 2017 तक सूचनाएं साझा करने की प्रतिबद्धता जताई थी। वहीं 36 अन्य ने 2018 तक सूचनाएं साझा करने की प्रतिबद्धता जताई है। निकट भविष्य में यह बहुपक्षीय व्यवस्था सभी देशों में लागू होगी।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यदि किसी संपत्ति की खरीद यह कानून लागू होने से पहले की गई है और उसकी घोषणा नहीं की गई है, तो ऐसी संपत्तियों को उसी साल खरीदा हुआ माना जाएगा जिस साल आकलन अधिकारियों को इसका पता चलेगा और उसी के अनुरूप कानून के प्रावधान लागू होंगे।
नियमों को और स्पष्ट करते हुये मंत्रालय ने कहा है कि यदि कोई अघोषित संपत्ति 1975 में 1,00,000 डालर में खरीदी गई और उसका खुलासा नहीं किया गया है। आकलन अधिकारी को उस संपत्ति के बारे में 2020 में पता चलता है। उस समय उसकी कीमत 50 लाख डॉलर है, तो इस कानून के तहत 120 प्रतिशत कर उचित बाजार मूल्य के आधार पर देना होगा। इसके अलावा अभियोजन और अन्य कार्रवाई भी की जाएंगी।
कालाधन कानून के तहत सरकार ने एक बार के लिए अघोषित विदेशी संपत्ति की घोषणा करने को 90 दिन की मोहलत दी है। यह अनुपालन खिड़की 30 सितंबर को बंद होगी। एक बार यह मोहलत समाप्त होने के बाद कर विभाग को जिस अघोषित संपत्ति का पता चलेगा उस पर 120 प्रतिशत कर और जुर्माने के अलावा जेल की सजा का भी सामना करना होगा।