नई दिल्ली: मोदी सरकार का एक साल पूरा होना अखबारों की सुर्खियां बनना था, लेकिन इस ऐतिहासिक दिन पर मोदी की जगह जयललिता ने ले ली। देश के कुछ चुनिंदा अखबरों में जय ललिता ही छाई रहीं। फिर चाहे वो एशियन एज, हिंदुस्तान टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड हो या स्टेट्समैन और इकोनॉमिक्स टाइम इन सभी अखबारों के फंट पेज पर या तो जयललिता का पूरा पेज एड था या जो वो जैकेट पेज की सुर्खियां रहीं। लाइव मिंट और इंडियन एक्सप्रेस जैसे बड़े समाचार पत्रों के ई-पेपर के कवर पर भी सिर्फ जयललिता दिखीं। कुल मिलाकर मोदी सरकार का एक साल जयललिता के नाम रहा।
जयललिता सरकार का चार साल पूरे करना मोदी सरकार के एक साल पर भारी पड़ गया। 26 मई 2015 के दिन जिस भी अखबार को खंगाला गया उसमे चाहे जैकेट हो या फ्रंट पेज, हर जगह जयललिता ही छाई रहीं। मंगलवार के दिन लोग मोदी सरकार के एक साल की उपलब्धियों को पढ़ने के लिए बेकरार बैठे थें, लेकिन इस अहम दिन जयललिता का अखबारों पर छाना हर किसी के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि इलेक्ट्रानिक मीडिया पर मोदी के एक साल पर खबरें चलीं, लेकिन उतने जोश-खरोश के साथ नहीं जिसकी उम्मीद थी। हालांकि मोदी सरकार अपना एक साल पूरा होने पर एक सप्ताह का एक पर्व मनाएगा। केंद्र सरकार ने योजना बनाई है कि सरकार के एक साल पूरा होने पर 200 रैलिया होंगी और मोदी करीब 5,000 जनसभाओं को संबोधित करेंगे।